UPSC करेंट अफेयर्स 22 मई, 2026: डॉ. कृति करंत ने जीता 'रोलेक्स नेशनल ज्योग्राफिक एक्सप्लोरर ऑफ द ईयर' पुरस्कार | दैनिक GK अपडेट

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प्रस्तावना: भारतीय संरक्षण के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर

अथर्व एग्जामवाइज (Atharva Examwise) के करेंट न्यूज डेस्क पर आपका स्वागत है। आज के दैनिक GK अपडेट में, हम भारतीय पर्यावरण और वैज्ञानिक समुदाय की एक अभूतपूर्व उपलब्धि को कवर कर रहे हैं। प्रसिद्ध भारतीय संरक्षण जीवविज्ञानी (conservation biologist) और वैज्ञानिक, डॉ. कृति के. करंत को आधिकारिक तौर पर 2026 रोलेक्स नेशनल ज्योग्राफिक एक्सप्लोरर ऑफ द ईयर (Rolex National Geographic Explorer of the Year) नामित किया गया है।

इस प्रतिष्ठित मान्यता के साथ, डॉ. करंत ने इस वैश्विक सम्मान को हासिल करने वाली पहली भारतीय और दक्षिण एशियाई प्राप्तकर्ता के रूप में इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया है। यह घटनाक्रम आज की प्रतियोगी परीक्षाओं के समाचारों के लिए एक अत्यधिक प्रासंगिक जुड़ाव है, विशेष रूप से उन उम्मीदवारों के लिए जो पारिस्थितिक शासन (ecological governance), पर्यावरण संरक्षण और विज्ञान के क्षेत्र में अग्रणी महिलाओं (women trailblazers) पर नजर रख रहे हैं।

डॉ. करंत की रणनीति का एक मुख्य स्तंभ प्रारंभिक बाल शिक्षा (early childhood education) और प्रत्यक्ष सामुदायिक गठबंधन (direct community alliance) है। लोगों को जंगलों से दूर रखने वाली बहिष्करणकारी (exclusionary) पर्यावरण नीतियों को अपनाने के बजाय, उनकी पहल स्थानीय आबादी और उनके स्थानीय वन्यजीवों के बीच की खाई को पाटने पर ध्यान केंद्रित करती है। यहाँ, उन्हें अपनी प्रमुख पहल वाइल्ड शाले (Wild Shaale) के लिए एक सत्र का संचालन करते हुए देखा जा सकता है, जहाँ वे बच्चों को उनके आस-पास के शीर्ष शिकारियों (apex predators) को समझने और उनके साथ सुरक्षित रूप से सह-अस्तित्व (coexist) बनाने में मदद करने के लिए संवादात्मक (interactive) और कहानी-आधारित पुस्तिकाओं का उपयोग करती हैं।

मुख्य बिंदु और परीक्षा-प्रासंगिक डेटा (Key Highlights & Exam-Relevant Data)

आपकी UPSC करेंट अफेयर्स की तैयारी के लिए, डॉ. कृति करंत के कार्य और उनके संगठन, सेंटर फॉर वाइल्डलाइफ स्टडीज (Centre for Wildlife Studies - CWS) से संबंधित आवश्यक संरचनात्मक डेटा नीचे तालिका में प्रस्तुत किया गया है:

श्रेणीविवरण और डेटा बिंदु
वैश्विक गौरवमानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व के लिए उनके परिवर्तनकारी समाधानों के लिए उन्हें '2026 रोलेक्स नेशनल ज्योग्राफिक एक्सप्लोरर ऑफ द ईयर' के रूप में सम्मानित किया गया।
संस्थागत नेतृत्ववह बेंगलुरु स्थित 'सेंटर फॉर वाइल्डलाइफ स्टडीज' (CWS) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में कार्यरत हैं।
दशकों की सेवालगभग 30 वर्षों के करियर में, उनका प्राथमिक फील्डवर्क बाघों की निगरानी, प्रजातियों के विलुप्त होने के पैटर्न का आकलन करने और गंभीर मानव-पशु संघर्ष को कम करने पर केंद्रित रहा है।
अकादमिक योगदानभूमि-उपयोग परिवर्तन, शिकार, वन्यजीव पर्यटन और सामुदायिक पुनर्वास को संबोधित करने वाले 100 से अधिक उच्च-प्रभाव वाले वैज्ञानिक शोध पत्रों (scientific research papers) की लेखिका।
जमीनी स्तर पर प्रभावउनके नेतृत्व में, CWS ने भारत के 8 प्रमुख राज्यों में फैले 7,000 गांवों में संघर्ष समाधान तंत्र (conflict resolution mechanisms) को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया है।
शैक्षणिक पहुंचउनके कार्यक्रमों ने 1,600 से अधिक ग्रामीण स्कूलों तक पहुंच बनाई है, जिससे 72,000 से अधिक बच्चों को व्यवस्थित रूप से प्रशिक्षित और प्रेरित किया गया है।
कृषि संरेखणआर्थिक नुकसान को रोकने और प्रतिशोधात्मक शिकार (retaliatory hunting) को समाप्त करने के लिए 10,000 किसानों को स्थायी, वन्यजीव-अनुकूल कृषि पद्धतियों से जोड़ा गया।
संरक्षित क्षेत्र प्रभाववर्तमान में भारत के 100 से अधिक वन्यजीव अभ्यारण्यों (wildlife sanctuaries) और रिज़र्वों में स्थानीय समुदायों को सक्रिय रूप से प्रशिक्षित किया जा रहा है।

मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व के लिए परिवर्तनकारी कार्यक्रम

भारत के सिकुड़ते जंगलों के किनारों पर होने वाले गंभीर मानव-वन्यजीव आमने-सामने के मामलों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए, डॉ. करंत ने अत्यधिक स्केलेबल (scalable) कार्यक्रम तैयार किए हैं जो प्रशासनिक केस हैंडलिंग के लिए एक उत्कृष्ट केस स्टडी (case study) के रूप में कार्य करते हैं:

1. वाइल्ड सेवे (Wild Seve - संघर्ष शमन और मुआवजा सहायता)

यह एक तकनीक-संचालित सामुदायिक सहायता प्रणाली है जो बाघों और हाथियों जैसे जंगली जानवरों द्वारा फसल के नुकसान, संपत्ति के नुकसान या मवेशियों के शिकार से प्रभावित ग्रामीण परिवारों को एक टोल-फ्री नंबर प्रदान करती है। यह कार्यक्रम परिवारों को सरकारी अनुग्रह राशि (ex-gratia compensation) के लिए आवेदन करने और उसे तेजी से स्वीकृत कराने में सहायता करता है, जिससे उनकी वित्तीय संवेदनशीलता में भारी कमी आती है और प्रतिशोधात्मक शिकार की संभावना कम हो जाती है।

2. वाइल्ड शाले (Wild Shaale - conservation education)

यह जंगलों के किनारों पर स्थित स्कूलों में लागू किया गया एक अनुभवात्मक शिक्षण (experiential learning) कार्यक्रम है। यह कला, कहानी सुनाने और स्थानीय भाषाओं का उपयोग करके जंगली जानवरों के प्रति बच्चों के मन में बैठे गहरे डर को सहानुभूति और दीर्घकालिक पारिस्थितिक प्रबंधन (ecological stewardship) में बदल देता है।

3. वाइल्ड सुरक्षे (Wild Surakshe - सामुदायिक सुरक्षा और स्वास्थ्य)

यह वन कर्मियों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और सामुदायिक नेताओं के लिए सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यशालाएं आयोजित करने वाली एक पहल है, ताकि साझा साझेदारी का निर्माण किया जा सके, सुरक्षा उपायों को मजबूत किया जा सके और जूनोटिक बीमारियों (zoonotic diseases) को प्रभावी ढंग से प्रबंधित किया जा सके।

आंतरिक लिंक संदर्भ (Internal Link Reference): भारत के प्रमुख प्रजाति संरक्षण ढाँचे के बारे में गहराई से जानने के लिए, अथर्व एग्जामवाइज पर 'प्रोजेक्ट टाइगर और सामुदायिक संरक्षण मॉडल' (Project Tiger and Community Conservation Models) पर हमारा व्यापक विश्लेषणात्मक गाइड पढ़ें और हमारे 'दैनिक समसामयिकी संकलन' (Daily Current Affairs Compilation) के माध्यम से दैनिक बदलावों पर नज़र रखें।

यह आपकी परीक्षा की तैयारी के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

यह समसामयिकी अपडेट प्रतियोगी परीक्षाओं के विभिन्न स्तरों, विशेष रूप से UPSC सिविल सेवा परीक्षा (CSE) के लिए अत्यधिक संरचनात्मक मूल्य रखता है:

GS पेपर III (पर्यावरण और जैव विविधता): यह केस स्टडी मानव-वन्यजीव संघर्ष (Human-Wildlife Conflict - HWC), समुदाय-आधारित संरक्षण और सतत विकास पर उत्तर लिखने के लिए एक आदर्श वास्तविक उदाहरण प्रदान करती है। आप मुख्य परीक्षा (Mains) के उत्तर लिखते समय डॉ. कृति करंत के काम (और CWS के वाइल्ड सेवे या वाइल्ड शाले मॉडल) का सीधे उल्लेख कर सकते हैं कि कैसे भारत अपनी जनसंख्या के दबाव और शीर्ष शिकारियों के संरक्षण के बीच संतुलन बना सकता है।

GS पेपर IV (नीतिशास्त्र और अभिरुचि): लोक प्रशासन और जमीनी स्तर के शासन में सहानुभूतिपूर्ण नेतृत्व (empathetic leadership), पर्यावरणीय नैतिकता (environmental ethics) और अभिनव समस्या-समाधान (innovative problem-solving) का एक शानदार समकालीन उदाहरण।

निबंध पत्र (Essay Paper): जैव विविधता संरक्षण, स्टेम (STEM) में अग्रणी महिलाओं, या प्रकृति के साथ मानव आर्थिक प्रगति के सामंजस्य पर केंद्रित निबंधों के लिए एक मजबूत वास्तविक दुनिया के आधार (real-world anchor) के रूप में कार्य करता है।

प्रारंभिक परीक्षा / दैनिक GK अपडेट (Prelims / Daily GK Update): प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण पुरस्कारों, अग्रणी भारतीय प्राप्तकर्ताओं और सेंटर फॉर वाइल्डलाइफ स्टडीज (CWS) जैसे संगठनों के संबंध में सीधे वस्तुनिष्ठ प्रश्नों (objective questions) की उच्च संभावना है।