यूपीएससी करेंट अफेयर्स 18 फरवरी 2026: भारत-फ्रांस विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी
भारत और फ्रांस ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को और ऊंचा उठाते हुए इसे 'विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' (Special Global Strategic Partnership) का दर्जा दिया है। यह अपग्रेड 1998 की रणनीतिक साझेदारी और 2023 के होराइजन 2047 (Horizon 2047) रोडमैप पर आधारित है, जो दीर्घकालिक रक्षा, प्रौद्योगिकी और इंडो-पैसिफिक सहयोग की रूपरेखा तैयार करता है।
भारत और फ्रांस के बीच यह नई साझेदारी रक्षा, क्रिटिकल मिनरल्स (महत्वपूर्ण खनिज), उन्नत तकनीक, क्लाइमेट एक्शन, परमाणु ऊर्जा, शिक्षा और इनोवेशन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को कवर करती है। दोनों देशों ने हर वर्ष विदेश मंत्रियों की व्यापक वार्ता (Foreign Ministers' Comprehensive Dialogue) की एक नई व्यवस्था शुरू करने पर भी सहमति जताई है, जिससे प्रगति की नियमित समीक्षा हो सकेगी।
प्रमुख बिंदु (Prelims के लिए महत्वपूर्ण)
1998: भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership) की शुरुआत।
2023: होराइजन 2047 रोडमैप अपनाया गया (साझेदारी के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में)।
2026: रिश्तों को विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा मिला, और वार्षिक विदेश मंत्री संवाद की शुरुआत हुई।
एवरेस्ट तक उड़ान भरने में सक्षम हेलिकॉप्टर: भारत में H125 की फाइनल असेंबली लाइन
मोदी-मैक्रों वार्ता के दौरान, भारत और फ्रांस ने कर्नाटक के वेमगल में H125 हेलिकॉप्टर फाइनल असेंबली लाइन (Final Assembly Line) का वर्चुअल उद्घाटन किया। यह सुविधा टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स (Tata Advanced Systems) और एयरबस (Airbus) की साझेदारी से स्थापित पहली प्राइवेट सेक्टर हेलिकॉप्टर मैन्युफैक्चरिंग लाइन है।
प्रधानमंत्री के अनुसार, भारत और फ्रांस मिलकर दुनिया का ऐसा एकमात्र हेलिकॉप्टर बना रहे हैं जो माउंट एवरेस्ट की ऊंचाइयों तक उड़ान भरने में सक्षम होगा। इन हेलिकॉप्टरों का भारत से दुनिया के अन्य देशों को निर्यात भी किया जाएगा। यह पहल मेक इन इंडिया (Make in India) और आत्मनिर्भर भारत अभियानों के तहत एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग, स्किल डेवलपमेंट और रोजगार सृजन को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा देगी।
H125 हेलिकॉप्टर – परीक्षा की दृष्टि से मुख्य तथ्य
स्थान: फाइनल असेंबली लाइन – वेमगल, कर्नाटक (टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स + एयरबस)।
मुख्य विशेषता: इसे एक ऐसे हेलिकॉप्टर प्लेटफॉर्म के रूप में प्रोजेक्ट किया गया है जो माउंट एवरेस्ट (8,848 मीटर) की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है।
उपयोग: भारत के नागरिक उड्डयन (Civil Aviation), पर्वतीय रेस्क्यू (Mountain Rescue), लॉजिस्टिक्स और संभावित सैन्य उपयोग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण।
रक्षा सहयोग: भारत में बनेगा HAMMER प्रिसिजन-गाइडेड वेपन सिस्टम
भारत की भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और फ्रांस की सफ्रान इलेक्ट्रॉनिक्स एंड डिफेंस (SED) ने HAMMER (Highly Agile Modular Munition Extended Range) स्मार्ट प्रिसिजन-गाइडेड एयर-टू-ग्राउंड वेपन सिस्टम के संयुक्त उत्पादन के लिए एक जॉइंट वेंचर (JV) सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस JV के तहत भारत में मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई और मेंटेनेंस की व्यवस्था स्थापित की जाएगी।
यह JV एक 50:50 साझेदारी होगी, जिसमें समय के साथ लगभग 60% तक स्वदेशीकरण (Indigenisation) बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें सब-असेंबली, इलेक्ट्रॉनिक्स और मैकेनिकल पार्ट्स का स्थानीय उत्पादन शामिल है। HAMMER सिस्टम पहले से ही राफेल (Rafale) जैसे लड़ाकू विमानों पर तैनात है और इसे एलसीए तेजस (LCA Tejas) जैसे अन्य प्लेटफॉर्म पर भी इंटीग्रेट किया जा सकता है।
HAMMER वेपन सिस्टम – GS Paper 3 के लिए महत्वपूर्ण बिंदु
फुल फॉर्म (Full Form): Highly Agile Modular Munition Extended Range (HAMMER)।
प्रकार: एयर-टू-सर्फेस प्रिसिजन-गाइडेड वेपन (इसे अक्सर ग्लाइड बम/Glide Bomb के रूप में भी जाना जाता है)।
प्रमुख विशेषताएँ:
उच्च सटीकता (High Accuracy) और एंटी-जैमिंग (Anti-Jamming) क्षमता।
विभिन्न वजन वर्ग – लगभग 250 किलोग्राम, 500 किलोग्राम और 1000 किलोग्राम वेरिएंट में उपलब्ध।
रेंज – लगभग 70 किलोमीटर तक प्रभावी स्ट्राइक क्षमता (स्रोतों के अनुसार)।
महत्व:
भारतीय वायु सेना (IAF) और नौसेना के लिए स्टैंड-ऑफ स्ट्राइक (Stand-off Strike) क्षमता में वृद्धि।
'मेक इन इंडिया' और रक्षा स्वदेशीकरण को बढ़ावा, एमआरओ (MRO) और सप्लाई-चेन में आत्मनिर्भरता।
क्रिटिकल मिनरल्स, एडवांस्ड टेक्नोलॉजी ग्रुप और नवाचार वर्ष 2026
भारत और फ्रांस ने क्रिटिकल मिनरल्स (Critical Minerals) और रेयर अर्थ्स (Rare Earths) के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने के लिए जॉइंट डिक्लेरेशन ऑफ इंटेंट (Joint Declaration of Intent) पर सहमति व्यक्त की है। इसका उद्देश्य ग्रीन और डिजिटल इकॉनमी, उभरती प्रौद्योगिकियों और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग के लिए आवश्यक खनिजों की विविध, स्थायी और लचीली आपूर्ति श्रृंखला (Resilient Supply Chains) विकसित करना है।
दोनों देशों ने एक जॉइंट एडवांस्ड टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट ग्रुप बनाने का भी निर्णय लिया है, जो क्रिटिकल और इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज, एडवांस्ड मैटेरियल्स और R&D (रिसर्च एंड डेवलपमेंट) सहयोग पर फोकस करेगा। इसके साथ ही, दोनों देशों ने 2026 को भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष (Year of Innovation) के रूप में मनाने की घोषणा की है, जिसके तहत इनोवेशन, रिसर्च, टेक्नोलॉजी, स्टार्ट-अप्स और पीपल-टू-पीपल एक्सचेंज (People-to-people exchanges) को भारी बढ़ावा दिया जाएगा।
इनोवेशन एवं इमर्जिंग टेक (Emerging Tech) – मुख्य बिंदु
जॉइंट एडवांस्ड टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट ग्रुप: इमर्जिंग टेक और एडवांस्ड मैटेरियल्स पर फोकस।
क्रिटिकल मिनरल्स: अन्वेषण (Exploration), निष्कर्षण (Extraction), प्रसंस्करण (Processing) और रीसाइक्लिंग (Recycling) तकनीक में सहयोग।
नवाचार वर्ष 2026 (Year of Innovation 2026): इनोवेशन-केंद्रित इवेंट्स, स्टार्ट-अप और अकादमिक सहयोग को बढ़ावा।
अन्य प्रमुख समझौते और पहलें
भारत और फ्रांस ने रक्षा, उच्च तकनीक, नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy), स्वास्थ्य और रेयर/क्रिटिकल मिनरल्स से जुड़े कुल लगभग 21 प्रमुख आउटकम/समझौतों की घोषणा की है। इसमें डिफेंस एयरोनॉटिक्स, हेलिकॉप्टर एवं जेट इंजन, परमाणु ऊर्जा और स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) में गहन सहयोग शामिल है।
फ्रांस, भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को अपनाने वाला पहला यूरोपीय देश बन चुका है और दोनों पक्ष भारत-फ्रांस के बीच डिजिटल पेमेंट्स के और विस्तार पर सहमत हुए हैं। इसके अतिरिक्त, फ्रांसीसी राष्ट्रपति India AI Impact Summit 2026 में भी भाग ले रहे हैं, जिसे ग्लोबल साउथ (Global South) में आयोजित होने वाला पहला वैश्विक AI शिखर सम्मेलन माना जा रहा है।
बुलेट पॉइंट्स में मुख्य आउटकम (Mains के लिए उपयोगी)
विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी (Special Global Strategic Partnership) – IR/GS-II के लिए एक महत्वपूर्ण नया शब्द।
H125 हेलिकॉप्टर फाइनल असेंबली लाइन – एयरोस्पेस में 'मेक इन इंडिया' का एक उल्लेखनीय उदाहरण।
HAMMER के लिए BEL-Safran JV – रक्षा स्वदेशीकरण और वायु शक्ति (Air Power) में गुणात्मक बढ़त (Qualitative Edge)।
क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ्स पर डिक्लेरेशन ऑफ इंटेंट – सप्लाई चेन डायवर्सिफिकेशन (Supply Chain Diversification) और चीन-केंद्रित निर्भरता कम करने की रणनीति।
नवाचार वर्ष 2026 और AI-केंद्रित सहयोग – विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, इनोवेशन और डिजिटल इकॉनमी से जुड़े प्रश्नों के लिए प्रासंगिक।
आपकी परीक्षा की तैयारी के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है
यह पूरी घटना UPSC Prelims, Mains और Interview—तीनों स्तरों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए इसे केवल एक समाचार नहीं, बल्कि एक समग्र केस-स्टडी (Comprehensive Case Study) की तरह समझना चाहिए। Special Global Strategic Partnership, Year of Innovation 2026, Critical Minerals Cooperation और Everest-capable Helicopter जैसे शब्द सीधे-सीधे Prelims MCQs और GS-II (अंतर्राष्ट्रीय संबंध) में पूछे जा सकते हैं।
HAMMER वेपन सिस्टम, H125 हेलिकॉप्टर असेंबली लाइन, रक्षा विनिर्माण में मेक इन इंडिया, जॉइंट एडवांस्ड टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट ग्रुप और AI-केंद्रित सहयोग जैसे बिंदुओं का उपयोग GS-III (रक्षा, सुरक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, अर्थव्यवस्था) के उत्तरों में शानदार उदाहरणों के रूप में किया जा सकता है। इंटरव्यू पैनल अक्सर भारत-फ्रांस संबंधों पर सवाल पूछता है, जहाँ इस यात्रा को होराइजन 2047 रोडमैप के संदर्भ में जोड़कर आप एक संतुलित (Balanced) और डेटा-समर्थित (Data-backed) उत्तर दे सकते हैं।
उम्मीदवारों के लिए सुझाव:
H125, HAMMER, क्रिटिकल मिनरल्स, और नवाचार वर्ष 2026 जैसे सभी कीवर्ड्स की परिभाषा + महत्व को अलग-अलग नोट्स में लिखें।
GS-II/III के लिए "भारत-फ्रांस संबंध: रणनीतिक से विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी तक" (India-France Relations: From Strategic to Special Global Strategic Partnership) शीर्षक पर 250-300 शब्दों का शॉर्ट एस्से/उत्तर लिखने का अभ्यास करें।
इस केस स्टडी को रक्षा स्वदेशीकरण, प्रौद्योगिकी साझेदारी, सप्लाई चेन रेजिलिएंस (Supply Chain Resilience), और ग्लोबल साउथ सहयोग जैसे विभिन्न एंगल्स से जोड़कर अपने Mains के कंटेंट-बैंक में शामिल करें।
इस प्रकार, यह एक ही समाचार आपके लिए करेंट अफेयर्स, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, रक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, और अर्थव्यवस्था—इन पाँचों क्षेत्रों को कवर करने वाला एक High-Yield Topic (उच्च अंकदायी विषय) बन जाता है। इसे Atharva Examwise की डेली GK और UPSC करेंट अफेयर्स रणनीति में अवश्य शामिल किया जाना चाहिए।