Responsible Nations Index 2026 में भारत 16वें स्थान पर: UPSC और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए करंट अफेयर्स

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Responsible Nations Index (RNI) को समझना

Responsible Nations Index एक व्यापक वैश्विक मूल्यांकन ढांचा है, जो यह आकलन करता है कि देश तीन महत्वपूर्ण हितधारकों के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को किस हद तक निभाते हैं:

नागरिक

पर्यावरण

अंतरराष्ट्रीय समुदाय

इस सूचकांक को World Intellectual Foundation द्वारा विकसित किया गया है। यह 154 देशों की रैंकिंग सतत विकास, जवाबदेही और वैश्विक सहयोग के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के आधार पर करता है।

RNI क्या मापता है?

यह सूचकांक राष्ट्रीय उत्तरदायित्व को कई आयामों में मापता है:

1. नागरिक कल्याण

स्वास्थ्य सेवाएँ

शिक्षा

सामाजिक सुरक्षा

गरीबी उन्मूलन

2. पर्यावरणीय संरक्षण

जलवायु कार्रवाई

जैव विविधता संरक्षण

प्रदूषण नियंत्रण

सतत संसाधन प्रबंधन

3. अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताएँ

संयुक्त राष्ट्र संधियों का अनुपालन

कूटनीतिक भागीदारी

विकास सहायता

शांति स्थापना अभियानों में योगदान

RNI स्कोरिंग स्केल: यह कैसे काम करता है

स्कोर रेंजवर्गीकरणव्याख्या
0.55 और उससे ऊपरअच्छामजबूत उत्तरदायित्व रिकॉर्ड
0.45–0.55मध्यमविभिन्न आयामों में मिश्रित प्रदर्शन
0.45 से नीचेकमजोरजवाबदेही में गंभीर अंतर

यह स्कोरिंग प्रणाली अभ्यर्थियों को यह समझने में मदद करती है कि राष्ट्र निर्माण केवल घरेलू विकास तक सीमित नहीं है—इसके लिए पर्यावरणीय स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर समान ध्यान देना आवश्यक है।

भारत की स्थिति: 0.56 स्कोर के साथ 16वां स्थान

भारत की वर्तमान स्थिति

वैश्विक रैंक: 154 देशों में 16वां

स्कोर: 0.56 ( “अच्छा” श्रेणी )

महत्व: भारत का स्कोर 0.55 की सीमा से अधिक है, जिससे वह “जिम्मेदार राष्ट्रों” की श्रेणी में आता है

यह रैंकिंग भारत के बहुआयामी विकास प्रयासों को दर्शाती है:

नागरिक-केंद्रित नीतियाँ

मनरेगा

आयुष

स्किल इंडिया

जन धन योजना

पर्यावरणीय पहल

2030 तक 500 GW नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य

ग्रीन इंडिया मिशन

राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन कार्य योजना

वैश्विक नेतृत्व

G20 अध्यक्षता (2023)

BRICS सदस्यता

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भागीदारी

ग्लोबल साउथ देशों को विकास सहायता

परीक्षा दृष्टि से महत्वपूर्ण:
भारत की 16वीं रैंक यह दर्शाती है कि विकास संबंधी चुनौतियों के बावजूद भारत को वैश्विक स्तर पर विकास और उत्तरदायित्व के संतुलन के लिए मान्यता मिल रही है—यह UPSC GS Paper 2 और GS Paper 3 (शासन और सतत विकास) का एक प्रमुख विषय है।

वैश्विक टॉप 5: भारत की तुलना

रैंकदेशस्कोरप्रमुख विशेषताएँ
1सिंगापुर0.619उत्कृष्ट शहरी शासन, सख्त पर्यावरणीय नियम
2स्विट्ज़रलैंड0.586समृद्धि, तटस्थता, मजबूत सामाजिक व्यवस्था
3डेनमार्क0.583हरित ऊर्जा संक्रमण, उच्च जीवन गुणवत्ता
4साइप्रस0.577यूरोपीय संघ एकीकरण, पर्यावरणीय फोकस
5स्वीडन0.573कल्याणकारी राज्य, नवीकरणीय ऊर्जा नेतृत्व
16भारत0.56बड़े पैमाने पर विकास के साथ उत्तरदायित्व

विश्लेषण

शीर्ष प्रदर्शन करने वाले देश प्रायः विकसित राष्ट्र हैं, जिनकी संस्थाएँ मजबूत हैं, प्रति व्यक्ति आय अधिक है और कल्याणकारी प्रणालियाँ उन्नत हैं।

भारत की 16वीं रैंक उल्लेखनीय है क्योंकि यह उपलब्धि भारत ने निम्न परिस्थितियों में हासिल की है:

1.4 अरब से अधिक जनसंख्या

क्षेत्रीय विकास असमानताएँ

विकासशील देश होने के साथ जलवायु संवेदनशीलता

जलवायु पीड़ित और उभरती अर्थव्यवस्था—दोहरी जिम्मेदारी

प्रमुख देशों की तुलना (Responsibility Index)

देशरैंकस्कोरसंदर्भ
जर्मनी120.557पर्यावरण नीति में यूरोपीय संघ का नेतृत्व
यूनाइटेड किंगडम250.538ब्रेक्सिट के बाद शासन संबंधी चुनौतियाँ
जापान380.529वृद्ध होती जनसंख्या, सीमित अंतरराष्ट्रीय भूमिका
संयुक्त राज्य अमेरिका660.508घरेलू ध्रुवीकरण, एकतरफा निर्णय
चीन680.505विशाल अर्थव्यवस्था, पर्यावरणीय चिंताएँ

महत्वपूर्ण अवलोकन

विकसित देशों का प्रभुत्व: शीर्ष 10 में से 8 विकसित अर्थव्यवस्थाएँ

चीन की स्थिति: अमेरिका के समान स्कोर, आर्थिक विकास बनाम पर्यावरणीय उत्तरदायित्व का संघर्ष

अमेरिका की कम रैंक: जलवायु और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं पर असंगत नीतियाँ

भारत की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति: भारत जापान, अमेरिका और चीन से आगे

भारत की रैंकिंग क्यों महत्वपूर्ण है?

1. उभरती अर्थव्यवस्था का नेतृत्व

0.56 का स्कोर भारत को बड़े विकासशील देशों में सबसे जिम्मेदार राष्ट्रों में शामिल करता है। भारत को निम्न संतुलन साधना पड़ता है:

415 मिलियन लोगों को गरीबी से बाहर निकालना (विश्व बैंक, 2023)

1.4 अरब की जनसांख्यिकीय लाभांश के लिए रोजगार सृजन

ऊर्जा सुरक्षा के साथ जलवायु प्रतिबद्धताओं का पालन

2. पर्यावरणीय प्रतिबद्धताएँ

पेरिस समझौता: 2030 तक उत्सर्जन तीव्रता में 43% कमी

नवीकरणीय ऊर्जा: 200+ GW स्थापित क्षमता

अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन में नेतृत्व

राष्ट्रीय जैव विविधता कार्य योजना

3. सामाजिक उत्तरदायित्व कार्यक्रम

मनरेगा: 2023-24 में 275 मिलियन व्यक्ति-दिवस रोजगार

आयुष्मान भारत: 550+ मिलियन नागरिकों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवा

मध्याह्न भोजन योजना: 100+ मिलियन बच्चों को पोषण

शिक्षा का अधिकार अधिनियम: लगभग सार्वभौमिक नामांकन

4. अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताएँ

संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना: 5,900 कर्मी

G20 अध्यक्षता: सतत विकास वित्त पर जोर

दक्षिण-दक्षिण सहयोग: 160+ देशों को सहायता

RNI की सीमाएँ और आलोचनाएँ

सीमाविश्लेषण पर प्रभाव
कार्यप्रणाली की अस्पष्टतासंकेतकों के वेटेज स्पष्ट नहीं
डेटा उपलब्धता अंतरविकासशील देशों के आँकड़े पुराने
विकसित-देश पक्षपातउन्नत रिपोर्टिंग वाले देशों को लाभ
संदर्भ की कमीसंघर्ष/आपदा से उबर रहे देशों की अनदेखी
एक-वर्षीय स्नैपशॉटदीर्घकालिक प्रगति नहीं दर्शाता

परीक्षा के लिए:
RNI को अन्य सूचकांकों (HDI, GPI, Environmental Performance Index) के साथ मिलाकर देखें।

भारत की वैश्विक स्थिति पर प्रभाव

सकारात्मक संकेत

सॉफ्ट पावर में वृद्धि

FDI के लिए भरोसा

जलवायु नेतृत्व

ESG-केंद्रित निवेश आकर्षण

सुधार के क्षेत्र

क्षेत्रीय असमानता

न्यायिक देरी

वायु गुणवत्ता

शहरी कचरा प्रबंधन

लैंगिक समानता

UPSC और प्रतियोगी परीक्षा की दृष्टि से महत्व

1. करंट अफेयर्स

GS Paper 2 और 3 में प्रासंगिक

प्रीलिम्स में सीधा तथ्यात्मक प्रश्न

2. इंटरकनेक्टेड थीम्स

शासन, SDGs, जलवायु नीति

वैश्विक सहयोग

3. उत्तर लेखन रणनीति

रैंक और स्कोर लिखें

तुलना करें

योजनाओं का उल्लेख करें

4. इंटरव्यू तैयारी

वैश्विक विकास ढाँचे

नीति संतुलन पर आलोचनात्मक सोच

त्वरित रिवीजन चेकलिस्ट

भारत की RNI रैंक और स्कोर

टॉप 5 देश

“अच्छा” स्कोर थ्रेशहोल्ड

चीन और अमेरिका से तुलना

प्रमुख भारतीय योजनाएँ

संबंधित UPSC पेपर

निष्कर्ष

Responsible Nations Index 2026 में 0.56 स्कोर के साथ भारत का 16वां स्थान यह दर्शाता है कि भारत संतुलित विकास के प्रति प्रतिबद्ध है।

UPSC और अन्य परीक्षाओं के लिए यह सूचकांक शासन, सतत विकास और वैश्विक भूमिका को समझने का एक उपयोगी ढाँचा प्रदान करता है।

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