एरिक श्मिट का कॉस्मिक ऑब्ज़रवेटरी: गूगल के पूर्व सीईओ का क्रांतिकारी स्पेस टेलीस्कोप एवं ऑब्ज़रवेटरी नेटवर्क | UPSC करेंट अफेयर्स 2026

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एरिक श्मिट का कॉस्मिक ऑब्ज़रवेटरी: आधुनिक खगोल विज्ञान में एक गेम-चेंजर दृष्टिकोण

Last updated: 14 जनवरी 2026

परिचय: "कॉस्मिक सर्च इंजन" की अवधारणा

जनवरी 2026 में, American Astronomical Society (AAS) की 247वीं बैठक में, गूगल के पूर्व CEO एरिक श्मिट और उनकी पत्नी वेंडी श्मिट ने अपनी संस्था Schmidt Sciences के माध्यम से एक क्रांतिकारी पहल की घोषणा की। एक एकल ऑब्ज़रवेटरी बनाने के बजाय, वे चार टेलीस्कोप — एक स्पेस-आधारित और तीन ग्राउंड-आधारित — का एकीकृत नेटवर्क फंड कर रहे हैं, जो मिलकर ब्रह्मांड के लिए एक “कॉस्मिक सर्च इंजन” की तरह काम करेगा।

स्टार्टअप-जैसा यह मॉडल पारंपरिक NASA मिशनों से बिल्कुल अलग है, जो अक्सर दशकों तक चलते हैं। इस नए दृष्टिकोण का उद्देश्य कम लागत, तेज़ समयसीमा और ओपन-एक्सेस डेटा के साथ वैज्ञानिक खोजों को तेज़ करना है।

इस पहल का महत्व केवल खगोल विज्ञान तक सीमित नहीं है — यह डार्क एनर्जी, दूरस्थ गैलेक्सी, सुपरनोवा और संभावित रहने योग्य एक्सोप्लैनेट जैसे ब्रह्मांडीय रहस्यों को समझने में भी महत्वपूर्ण प्रभाव डालेगा।

चार-टेलीस्कोप नेटवर्क: घटक और कार्य

Schmidt Sciences चार विशिष्ट ऑब्ज़रवेटरी परियोजनाओं का समन्वय कर रहा है:

1. Lazuli Space Telescope

क्या है:
Lazuli एक स्पेस-आधारित ऑप्टिकल टेलीस्कोप है, जिसे NASA के Hubble Space Telescope की अगली पीढ़ी के रूप में देखा जा रहा है। इसके 3-मीटर के मिरर में Hubble (2.4-मीटर) की तुलना में लगभग 70% अधिक collecting area है।

मुख्य विनिर्देश:

मिरर व्यास: 3 मीटर
(Hubble से बड़ा; प्रस्तावित 20-फुट डिज़ाइन से छोटा)

नियोजित प्रक्षेपण: 2028–2029
(स्पेस टेलीस्कोप विकास के लिए असाधारण रूप से तेज़)

विकास समय: 3 वर्ष
(NASA मिशनों के 10–20 वर्ष की तुलना में)

अनुमानित लागत: सैकड़ों मिलियन डॉलर
(NASA के बिलियन-डॉलर फ्लैगशिप मिशनों से कम)

वैज्ञानिक क्षमताएँ:

एक्सोप्लैनेट डिटेक्शन एवं कैरेक्टराइज़ेशन

उच्च कंट्रास्ट कोरोनोग्राफ

एक्सोप्लैनेट वायुमंडलीय spectroscopy

दूरस्थ गैलेक्सी एवं सुपरनोवा अवलोकन

डार्क एनर्जी अनुसंधान

नोबेल पुरस्कार संबंध:
Lazuli का विकास 2011 के Nobel Prize विजेता डॉ. सॉल पर्लमटर के नेतृत्व में हुआ, जिन्होंने ब्रह्मांड के विस्तार के त्वरण की खोज की थी।

2. Argus Array (ग्राउंड-आधारित)

क्या है:
Argus Array 1,200 छोटे टेलीस्कोपों का नेटवर्क है, जो मिलकर 8-मीटर वर्ग की क्षमता उत्पन्न करता है। यह संपूर्ण उत्तरी आकाश की निरंतर निगरानी करेगा और “Northern Sky का गहरा और हाई-स्पीड मूवी” बनाएगा।

मुख्य विनिर्देश:

टेलीस्कोपों की संख्या: 1,200

तुलनीय एपर्चर: 8-मीटर क्लास

कवरेज: पूरा उत्तरी आकाश

डेटा आउटपुट: लाखों 120-गिगापिक्सेल छवियाँ

फंडिंग: Schmidt Sciences + Alex Gerko (50-50)

वैज्ञानिक कार्य:

रियल-टाइम कॉस्मिक ट्रांज़िएंट्स की निगरानी

सुपरनोवा, किलोनोवा और GRB counterparts

अज्ञात खगोलीय घटनाओं की खोज

ओपन-डेटा मॉडल

3. Deep Synoptic Array (DSA) – रेडियो टेलीस्कोप

क्या है:
यह अत्याधुनिक रेडियो डिस़्क-आधारित टेलीस्कोप नेटवर्क है जिसमें 1,650 डिशें शामिल हैं, जो Nevada की घाटी में स्थापित की जाएँगी।

मुख्य विनिर्देश:

डिशों की संख्या: 1,650

व्यास: 6.15-मीटर प्रत्येक

फ़्रीक्वेंसी रेंज: 0.7–2 GHz

सर्वे क्षेत्र: ~31,000 स्क्वेयर डिग्री

अनुमानित डिटेक्शन: 1 बिलियन+ रेडियो स्रोत

22,000 नए पल्सर

100,000+ FRB का सब-arcsecond localization

वैज्ञानिक उद्देश्य:

FRB अनुसंधान

ग्रेविटेशनल वेव स्रोत पहचान

पल्सर डिटेक्शन

मल्टी-वेवलेंथ पूरक अवलोकन

4. ALFASTS – ऑप्टिकल स्पेक्ट्रोग्राफ एरे

प्रमुख कार्य:

Argus द्वारा खोजे गए ट्रांज़िएंट्स का spectroscopy

रियल-टाइम स्पेक्ट्रल विश्लेषण

मल्टी-सिग्नल फॉलो-अप

NASA मिशनों से यह दृष्टिकोण कैसे भिन्न है

पहलूNASA मिशनSchmidt Sciences दृष्टिकोण
विकास समय10–20+ वर्ष (कॉन्सेप्ट से लॉन्च तक)3–5 वर्ष (Lazuli: 3 वर्ष)
मिशन डिज़ाइन दर्शननई तकनीक विकसित करता है; धीमा लेकिन व्यापकमौजूदा तकनीक का उपयोग; तेज़ और चुस्त
लागत संरचनाप्रति फ्लैगशिप मिशन अरबों डॉलरसैकड़ों मिलियन डॉलर (काफ़ी कम लागत)
डेटा मॉडलमिश्रित: proprietary + open data100% open data, merit-based time allocation
जोखिम दृष्टिकोणकम जोखिम, अत्यधिक परीक्षणउच्च नवाचार सहिष्णुता, त्वरित तैनाती

Schmidt Sciences की Astrophysics & Space Institute की निदेशक डॉ. अर्पिता रॉय के अनुसार:

“NASA का रास्ता पूरे क्षेत्र को ऊपर उठाता है क्योंकि वे रास्ते में non-existent technology भी विकसित करते हैं। हम उसी विकास का लाभ लेकर चीज़ों को तेज़ी से उड़ाते हैं।”

डार्क एनर्जी और सुपरनोवा संबंध

इस ऑब्ज़रवेटरी नेटवर्क — विशेषकर Lazuli — का एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक लक्ष्य डार्क एनर्जी को समझना है, जो ब्रह्मांड के accelerating expansion को नियंत्रित करती है।

ऐतिहासिक संदर्भ: 1998 का नोबेल पुरस्कार खोज

1998 में, दो स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय खगोलिकी समूहों (सॉल पर्लमटर, एडम रीएस और ब्रायन श्मिट) ने दूरस्थ Type-Ia सुपरनोवा का अध्ययन कर पाया कि:

➡ ब्रह्मांड का विस्तार धीमा नहीं, बल्कि तेज़ हो रहा है।

इस अप्रत्याशित परिणाम ने डार्क एनर्जी के अस्तित्व की पुष्टि की, जो आज ब्रह्मांड का लगभग 68% मानी जाती है।

सुपरनोवा डार्क एनर्जी कैसे प्रकट करते हैं

Type-Ia सुपरनोवा उन सफ़ेद-बौने तारों से बनते हैं जो विस्फोट करते हैं।

इनकी ख़ासियत:

✔ intrinsic brightness निरंतर (standard candle)
✔ जितना dim दिखाई दे, उतना दूर
✔ redshift से expansion rate मापा जा सकता है

इससे खगोल वैज्ञानिक अलग-अलग युगों में कॉस्मिक विस्तार का इतिहास निकालते हैं।

डार्क एनर्जी अनुसंधान में Lazuli क्यों महत्वपूर्ण है

डॉ. सॉल पर्लमटर और उनकी टीम ने Lazuli को विशेष रूप से dark-energy cosmology के लिए डिज़ाइन किया है।

इससे वैज्ञानिक:

जाँच कर सकेंगे कि डार्क एनर्जी स्थिर (cosmological constant) है या समय के साथ बदलती है

गुरुत्वाकर्षण और quantum mechanics के सिद्धांतों का परीक्षण कर सकेंगे

अनुमान लगा सकेंगे कि ब्रह्मांड का acceleration
➤ हमेशा चलेगा?
➤ धीमा होगा?
➤ या उल्टा पड़ सकता है?

ऑपरेशनल दर्शन: Open Science एवं Real-Time Discovery

सभी चार ऑब्ज़रवेटरी merit-based open-access data model के तहत काम करेंगे।

मुख्य सिद्धांत:

कोई reserved observation time नहीं

डेटा तेज़ी से सार्वजनिक (कुछ महीनों में)

multi-wavelength एवं multi-messenger समन्वय

कोई राष्ट्रीय/संस्थागत monopoly नहीं

यह दृष्टिकोण वैश्विक विज्ञान समुदाय को democratize करता है और discovery की गति बढ़ाता है।

NASA एवं ESA मिशनों के साथ पूरकता (Complementarity)

Schmidt Sciences सरकारी कार्यक्रमों से प्रतिस्पर्धी नहीं, बल्कि पूरक हैं।

उदाहरण:

Lazuli + NASA Nancy Grace Roman Space Telescope (2027 launch)

Roman → 100× wider field

Lazuli → बेहतर exoplanet contrast

Argus + Vera C. Rubin Observatory (Chile)

Rubin → दक्षिणी ऑप्टिकल transient sky

Argus → उत्तरी hemispheric rapid response

Deep Synoptic Array + ngVLA & SKA

DSA → real-time, all-sky radio monitoring precursor

टाइमलाइन एवं निर्माण स्थिति (जनवरी 2026)

परियोजनास्थितिसंभावित संचालन तिथि
LazuliDesign phase; components procurement underway2028–2029
Argus ArrayConstruction phase; site development2027–2028
Deep Synoptic ArrayNevada site preparation2027–2028
ALFASTSDesign phase progressing2027–2028

यह UPSC तैयारी के लिए क्यों महत्वपूर्ण है

General Studies Relevance

GS-3: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

स्पेस तकनीक एवं निजी निवेश

खगोलीय अवलोकन प्रणाली

open-data आधारित विज्ञान

GS-2: अंतरराष्ट्रीय संबंध एवं सहयोग

private philanthropic science funding

global scientific collaboration

Indian space science संदर्भ

Physics एवं Cosmology (Optional/Science-Tech)

dark energy

supernova cosmology

exoplanet detection

परीक्षा-उन्मुख Key Takeaways

“Cosmic Search Engine” → coordinated observatory नेटवर्क

Lazuli → 3-meter mirror, 2028–29, कम लागत

Argus → 1,200 टेलीस्कोप, northern sky movie

DSA → 1,650 dishes, 1B+ radio sources

Perlmutter → Nobel 2011, Lazuli architect

Open-data मॉडल → merit-based, no monopoly

Startup approach → agile, low cost, rapid timeline

Dark-energy focus → cosmic acceleration research

संभावित परीक्षा प्रश्न

Q1. Schmidt Sciences की cosmic observatory पहल किस नवीन दृष्टिकोण पर आधारित है?
उत्तर: rapid, agile development, private funding, open data, real-time transient astronomy

Q2. Type-Ia सुपरनोवा dark energy को समझने में कैसे सहायक हैं?
उत्तर: standard candles के रूप में cosmic expansion history मापते हैं

Q3. Schmidt Sciences का space telescope कौन-सा है?
उत्तर: Lazuli

Q4. Lazuli परियोजना का नेतृत्व किस Nobel विजेता ने किया?
उत्तर: Dr. Saul Perlmutter (Nobel Prize 2011)

Q5. Argus Array में कितने टेलीस्कोप हैं?
उत्तर: 1,200

UPSC अभ्यर्थियों के लिए महत्व

frontier science awareness

international collaboration

public-private science funding model

interview-level insights

निष्कर्ष

एरिक श्मिट की cosmic observatory पहल विज्ञान के फंडिंग, विकास और संचालन मॉडल में एक paradigmatic बदलाव को दर्शाती है। space telescope + radio + optical arrays के संयुक्त नेटवर्क, open-data और short-cycle development approach के माध्यम से dark energy, transient phenomena और exoplanet habitability जैसे क्षेत्रों की समझ तेज़ी से बढ़ सकती है।