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यूपीएससी समसामयिकी 14 जुलाई 2026 | दैनिक जीके अपडेट: भारत की सीपीआई मुद्रास्फीति लक्ष्य से ऊपर निकली यूपीएससी समसामयिकी 14 जुलाई 2026 | दैनिक जीके अपडेट: भारत की सीपीआई मुद्रास्फीति लक्ष्य से ऊपर निकली

14 Jul 2026 14 Jul 2026

यूपीएससी समसामयिकी 14 जुलाई 2026 | दैनिक जीके अपडेट: भारत की सीपीआई मुद्रास्फीति लक्ष्य से ऊपर निकली
Economics Hindi 14 Jul 2026

यूपीएससी समसामयिकी 14 जुलाई 2026 | दैनिक जीके अपडेट: भारत की सीपीआई मुद्रास्फीति लक्ष्य से ऊपर निकली

13 जुलाई 2026 को, सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के तहत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने जून 2026 के लिए अनंतिम (provisional) खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़े जारी किए। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के माध्यम से परिकलित खुदरा मुद्रास्फीति की दर सालाना आधार पर 18 महीने के उच्चतम स्तर 4.38% पर पहुंच गई, जो मई 2026 में 3.93% थी। यह तीव्र वृद्धि पिछले 17 महीनों में—यानी जनवरी 2025 के बाद—पहली बार है जब खुदरा मुद्रास्फीति ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 4.0% के मध्यम अवधि के लक्ष्य को पार किया है।

जून का यह मुद्रास्फीति प्रिंट नई संशोधित सीपीआई श्रृंखला के तहत दर्ज उपभोक्ता मूल्य वृद्धि का उच्चतम स्तर है, जिसे इसी वर्ष की शुरुआत में 2024 के आधार वर्ष (base year) में स्थानांतरित किया गया था। निरंतर कृषि आपूर्ति व्यवधानों, असमान दक्षिण-पश्चिम मानसून और ईंधन की कीमतों में लगातार की गई बढ़ोतरी के संयोजन से प्रेरित इस व्यापक आर्थिक (macroeconomic) बदलाव ने बाजार की उम्मीदों को आरबीआई द्वारा सख्त मौद्रिक नीति रुख अपनाने की दिशा में मोड़ दिया है।

उच्च-लाभ वाले विषयों के दैनिक विश्लेषण के लिए, उम्मीदवार अथर्व एग्जामवाइज डेली जीके अपडेट (Atharva Examwise Daily GK Update) का संदर्भ ले सकते हैं और आज की प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े समाचारों को ट्रैक कर सकते हैं।

मुख्य तथ्य और परीक्षा-प्रासंगिक डेटा

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए त्वरित संशोधन और तथ्य-प्राप्ति में सहायता के लिए, MoSPI की विज्ञप्ति के मुख्य अंश नीचे सारांशित किए गए हैं:

मुख्य खुदरा मुद्रास्फीति (Headline Retail Inflation): जून 2026 में सीपीआई-आधारित खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 4.38% हो गई, जबकि मई 2026 में यह 3.93% और जून 2025 में अनंतिम रूप से 2.10% थी।

उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (CFPI): संयुक्त खाद्य मुद्रास्फीति मई के 4.78% से बढ़कर जून में 5.32% हो गई। ग्रामीण खाद्य मुद्रास्फीति 5.45% रही, जबकि शहरी खाद्य मुद्रास्फीति 5.09% दर्ज की गई।

ग्रामीण बनाम शहरी मुख्य मुद्रास्फीति: सामान्य ग्रामीण खुदरा मुद्रास्फीति जून में बढ़कर 4.74% हो गई (मई में 4.25% से)। शहरी मुख्य मुद्रास्फीति बढ़कर 3.92% हो गई (मई में 3.53% से), जो यह दर्शाती है कि ग्रामीण परिवारों को जीवन-यापन की अधिक लागत का सामना करना पड़ रहा है।

परिवहन और ईंधन लागत मुद्रास्फीति: मई के अंत में लागू की गई राज्य-अनिवार्य ईंधन मूल्य वृद्धियों के विलंबित प्रभाव को दर्शाते हुए, कुल परिवहन मुद्रास्फीति मई के 1.75% से तेजी से बढ़कर जून में 4.31% हो गई।

संशोधित आधार वर्ष: यह 2024 के आधार वर्ष वाली संशोधित सीपीआई श्रृंखला के तहत अब तक की सबसे अधिक मुद्रास्फीति रीडिंग है, जिसे आधिकारिक तौर पर फरवरी 2026 में पेश किया गया था।

भौगोलिक विसंगतियां (Geographic Outliers): 50 लाख से अधिक आबादी वाले प्रमुख राज्यों में, तेलंगाना में सबसे अधिक 7.79% संयुक्त मुद्रास्फीति दर्ज की गई, जबकि दिल्ली में सबसे कम 2.96% दर रही।

जून 2026 की मुद्रास्फीति गतिकी का व्यापक आर्थिक विश्लेषण

खुदरा मुद्रास्फीति का 4.38% पर पहुंचना 2026 के दौरान मूल्य गति में एक निरंतर क्रमिक विस्तार को दर्शाता है, जो जनवरी में 2.74% से बढ़कर फरवरी में 3.21%, मार्च में 3.40%, अप्रैल में 3.48% और मई में 3.93% हो गई है। हालांकि मुख्य मुद्रास्फीति अभी भी आरबीआई के 2% से 6% के वैधानिक सहनशीलता बैंड (statutory tolerance band) के भीतर है, लेकिन 4% के मध्य बिंदु को पार करना मुद्रास्फीति के दबावों के एक नए चरण का संकेत देता है।

नीचे दी गई तालिका ग्रामीण, शहरी और संयुक्त क्षेत्रों में मई 2026 के अंतिम आंकड़ों की तुलना में जून 2026 के अनंतिम सूचकांक मूल्यों और मुद्रास्फीति दरों को रेखांकित करती है:

संयुक्त, ग्रामीण और शहरी मुद्रास्फीति का अवलोकन (आधार वर्ष 2024 = 100)

क्षेत्र / सूचकांकजून 2026 सूचकांक (अनंतिम)जून 2026 मुद्रास्फीति (अनंतिम)मई 2026 सूचकांक (अंतिम)मई 2026 मुद्रास्फीति (अंतिम)
सीपीआई सामान्य (संयुक्त)107.004.38%105.913.93%
सीपीआई सामान्य (ग्रामीण)107.244.74%106.114.25%
सीपीआई सामान्य (शहरी)106.693.92%105.663.53%
सीएफपीआई खाद्य (संयुक्त)107.155.32%105.354.78%
सीएफपीआई खाद्य (ग्रामीण)106.825.45%105.074.85%
सीएफपीआई खाद्य (शहरी)107.725.09%105.844.66%
आवास (संयुक्त)103.542.10%2.12%

विस्तृत क्षेत्रीय और कमोडिटी विश्लेषण

जून के सूचकांक में यह वृद्धि भोजन, ईंधन और कुछ चुनिंदा सेवाओं में स्पष्ट मूल्य दबावों के कारण हुई है।

1. खाद्य और पेय पदार्थ खंड

खाद्य और पेय पदार्थ, जो एक औसत परिवार के उपभोग बास्केट का एक बड़ा हिस्सा हैं, में मुद्रास्फीति बढ़कर 5.05% हो गई, जबकि संकीर्ण उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (CFPI) 5.32% दर्ज किया गया। चरम मौसम की घटनाओं, स्थानीय लू (heatwaves) और जून में दक्षिण-पश्चिम मानसून की देर से व कमी के साथ हुई शुरुआत के कारण सब्जियों की आपूर्ति में तत्काल बाधाएं उत्पन्न हुईं।

हालांकि, विभिन्न खाद्य वस्तुओं की कीमतों में काफी भिन्नता देखी गई:

प्रमुख वस्तुओं में अत्यधिक मूल्य उतार-चढ़ाव (जून 2026)

कमोडिटी वस्तुसीपीआई भार (%)मई 2026 मुद्रास्फीति (%)जून 2026 मुद्रास्फीति (%)मुद्रास्फीति की प्रवृत्ति
चांदी के आभूषण0.3127155.25%133.21%कम हो रही है, लेकिन अत्यधिक उच्च स्तर पर
अदरक0.255632.50%50.41%तेजी से बढ़ रही है
सोना/हीरा/प्लेटिनम आभूषण0.623040.91%36.82%कम हो रही है, लेकिन अत्यधिक उच्च स्तर पर
टमाटर0.496148.43%31.92%मई के चरम की तुलना में राहत
किशमिश और मुनक्का0.163921.98%20.52%मामूली गिरावट
आलू0.7549-23.71%-20.34%गहरी अवस्फीति (Deep Deflation)
मटर0.1254-11.47%-9.67%कम होती अवस्फीति

2. परिवहन और ऊर्जा मुद्रास्फीति

परिवहन खंड में मुद्रास्फीति बढ़कर 4.31% हो गई। यह उछाल सीधे तौर पर मई के अंत में सरकारी तेल विपणन कंपनियों द्वारा घोषित पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में वृद्धि से उपजा है, जो पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक आपूर्ति मार्गों के बाधित होने के बाद की गई थी।

चूंकि MoSPI प्रत्येक महीने की 15 तारीख को ईंधन की कीमतें दर्ज करता है, इसलिए जून का डेटा इन ऊर्जा समायोजनों को पूरी तरह से कैप्चर करने वाला पहला डेटा था। इसके कारण व्यक्तिगत परिवहन मुद्रास्फीति मई के 3.06% से उछलकर जून में 7.35% हो गई, और माल परिवहन सेवाएं 7.70% के उच्च स्तर पर बनी रहीं।

3. कोर सेवाएं और विविध वस्तुएं

कोर मुद्रास्फीति (Core inflation), जिसमें भोजन और ईंधन शामिल नहीं हैं, मई के 3.8% से बढ़कर जून में 4.1% हो गई, जो परिचालन व्ययों के व्यापक प्रसार का संकेत देती है।

व्यक्तिगत देखभाल और विविध सेवाएं: इस खंड में सबसे अधिक 16.72% की मुद्रास्फीति दर्ज की गई। यह मुख्य रूप से "बुलियन प्रभाव" (bullion effect) का प्रतिबिंब है, क्योंकि वैश्विक कमोडिटी बाजारों में आई तेजी ने घरेलू चांदी के आभूषणों की मुद्रास्फीति को 133.21% और सोने/हीरे के आभूषणों की मुद्रास्फीति को 36.82% तक पहुंचा दिया।

रेस्तरां और आवास सेवाएं: इस खंड में मुद्रास्फीति बढ़कर 6.91% हो गई। परिचालन व्ययों, विशेष रूप से वाणिज्यिक तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) और प्रमुख कच्चे माल की बढ़ती लागत ने भोजनालयों को मेनू की कीमतें बढ़ाने पर मजबूर किया।

नई सीपीआई श्रृंखला में संरचनात्मक परिवर्तन (आधार वर्ष 2024 = 100)

जून 2026 के आंकड़ों के विश्लेषण में एक महत्वपूर्ण कारक यह है कि यह MoSPI द्वारा 2024 के आधार वर्ष वाली संशोधित सीपीआई श्रृंखला में स्थानांतरित होने के बाद से अब तक का सबसे उच्च खुदरा मुद्रास्फीति प्रिंट है। फरवरी 2026 में पेश किया गया यह सांख्यिकीय बदलाव पुरानी 2012 की श्रृंखला को प्रतिस्थापित करता है ताकि घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण (HCES) 2023-24 द्वारा रेखांकित आधुनिक उपभोग पैटर्न के साथ बेहतर तालमेल बिठाया जा सके।

नए ढांचे में संरचनात्मक अपडेट निम्नलिखित हैं:

1. उपभोग भार का पुनर्मूल्यांकन (Recalibration of Consumption Weights)

नया सीपीआई भार आरेख एक आधुनिक व्यय संरचना को शामिल करता है, जो एंजेल के नियम (Engel's Law) को दर्शाता है: जैसे-जैसे वास्तविक घरेलू आय बढ़ती है, बुनियादी खाद्य पदार्थों पर आवंटित होने वाला सापेक्ष बजट हिस्सा घटता जाता है, जबकि जीवनशैली, सेवाओं और विवेकाधीन (discretionary) उत्पादों पर खर्च बढ़ता है।

खाद्य भार में कटौती: खाद्य और पेय पदार्थों का संयुक्त भार 2012 की श्रृंखला के 45.86% से घटाकर 2024 की श्रृंखला में 36.75% कर दिया गया। यह बदलाव घरेलू खाद्य झटकों के दौरान मुख्य सीपीआई की अस्थिरता को संरचनात्मक रूप से कम करता है।

आवास भार का विस्तार: आवास, पानी, बिजली, गैस और अन्य ईंधनों के भार को 10.07% से बढ़ाकर 17.66% किया गया। महत्वपूर्ण रूप से, 2024 की श्रृंखला में पहली बार एक ग्रामीण आवास किराया उप-सूचकांक शामिल किया गया है, जो एक दीर्घकालिक सांख्यिकीय अंतर को दूर करता है जहां ग्रामीण किराये के रुझानों की अनदेखी की जाती थी।

2. COICOP 2018 वर्गीकरण को अपनाना

अद्यतन सूचकांक संयुक्त राष्ट्र सांख्यिकी प्रभाग के 'उद्देश्य के अनुसार व्यक्तिगत उपभोग का वर्गीकरण' (COICOP) 2018 ढांचे को अपनाता है। यह पुराने 6-समूह वर्गीकरण के बजाय सीपीआई बास्केट को 12 अलग-अलग विश्लेषणात्मक प्रभागों में पुनर्गठित करता है, जिससे अंतर्राष्ट्रीय तुलनात्मकता सुनिश्चित होती Junkie।

3. उपभोग टोकरी (Consumption Basket) का आधुनिकीकरण

सीपीआई कमोडिटी बास्केट का दायरा 299 से बढ़ाकर 358 भारित वस्तुओं तक कर दिया गया है।

नए जुड़ाव: ग्रामीण आवास किराया, ऑनलाइन मीडिया स्ट्रीमिंग सेवाएं (OTT), पेन ड्राइव, एक्सटर्नल हार्ड डिस्क, जिम के उपकरण, बेबीसिटर्स और कीमती धातुओं के लिए मानकीकृत मीट्रिक।

बहिष्करण: ऐसी पुरानी वस्तुएं जो अब विशिष्ट घरेलू खर्च का प्रतिनिधित्व नहीं करती हैं, जैसे वीसीआर/वीसीडी/डीवीडी प्लेयर, ऑडियो कैसेट, रेडियो, टेप रिकॉर्डर और पुराने (सेकंड-हैंड) कपड़े।

4. वैकल्पिक स्रोत और CAPI फील्ड तकनीक

MoSPI ने पारंपरिक कागजी सूचियों को चरणबद्ध तरीके से समाप्त कर दिया है और त्वरित, वास्तविक समय के डेटा सत्यापन के लिए कंप्यूटर असिस्टेड पर्सनल इंटरव्यूइंग (CAPI) सॉफ्टवेयर से लैस फील्ड टैबलेट को अपनाया है। इसके अलावा, मानक बाजार सर्वेक्षणों के पूरक के रूप में 25 लाख से अधिक आबादी वाले 12 प्रमुख शहरों में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से डिजिटल मूल्य डेटा को स्क्रैप किया जा रहा है।

प्रभाग-वार भार तुलना: सीपीआई 2012 बनाम सीपीआई 2024 श्रृंखला

प्रभाग कोड / श्रेणीपुराना सीपीआई 2012 भार (%)नया सीपीआई 2024 भार (%)संरचनात्मक प्रवृत्ति / बदलाव
खाद्य और पेय पदार्थ45.8636.75घटा (एंजेल के नियम का प्रभाव)
पान, तंबाकू और नशीले पदार्थ2.382.99बढ़ा
कपड़े और जूते6.536.38मामूली कमी
आवास, पानी, बिजली, गैस और ईंधन16.9117.66बढ़ा (ग्रामीण किराया शामिल)
साज-सज्जा और घरेलू रखरखाव3.804.47बढ़ा
स्वास्थ्य5.896.10बढ़ा
परिवहन, सूचना और संचार8.5912.41बढ़ा (डिजिटल सेवाओं का विस्तार)
मनोरंजन, खेल और संस्कृति1.684.86बढ़ा
शिक्षा सेवाएं4.463.33घटा
व्यक्तिगत देखभाल, सामाजिक सुरक्षा और विविध3.895.04बढ़ा
कुल बास्केट100.00100.00

संरचनात्मक बदलावों के बावजूद दीर्घकालिक तुलना सुनिश्चित करने के लिए, MoSPI ने आधार वर्ष 2025 पर वार्षिक ओवरलैपिंग पद्धति का उपयोग करके एक आधिकारिक लिंकिंग फैक्टर (Linking Factor) जारी किया है। लिंकिंग फैक्टर ($LF$) की गणना ज्यामितीय माध्य (geometric mean) का उपयोग करके की जाती है:

$$LF = \frac{\text{औसत } I_{2025\text{ (नई श्रृंखला)}}}{\text{औसत } I_{2025\text{ (पुरानी श्रृंखला)}}}$$

किसी भी पिछले महीने ($t$) के लिए लिंक्ड इंडेक्स वैल्यू की गणना इस प्रकार की जाती है:

$$\text{लिंक्ड इंडेक्स वैल्यू}_t = \text{इंडेक्स वैल्यू}_{t\text{ (पुरानी श्रृंखला)}} \times LF$$

यह सांख्यिकीय कार्यप्रणाली नीति विश्लेषकों को 2012-आधारित ऐतिहासिक श्रृंखला को अद्यतन 2024 प्रारूप में परिवर्तित करने की अनुमति देती है। बाहरी सांख्यिकीय संदर्भ और पूर्ण कार्यप्रणाली अपडेट MoSPI के आधिकारिक ई-सांख्यिकी (eSankhyiki) पोर्टल पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं और इन्हें पीआईबी सीपीआई 2024 बेस टेक्निकल गाइड के माध्यम से सत्यापित किया जा सकता है।

राज्य-स्तरीय विश्लेषण और क्षेत्रीय भिन्नताएं

जून 2026 की अनंतिम विज्ञप्ति दर्शाती है कि विभिन्न राज्यों में खुदरा मुद्रास्फीति अत्यधिक असमान बनी हुई है।

राज्य-वार संयुक्त खुदरा और खाद्य मुद्रास्फीति (जून 2026)

राज्य का नाम (आबादी > 50 लाख)संयुक्त खुदरा मुद्रास्फीति (%)संबंधित खाद्य मुद्रास्फीति (%)क्षेत्रीय मूल्य निर्धारण कारक
तेलंगाना7.79%8.18%मजबूत सेवा मांग और स्थानीय आपूर्ति बाधाएं
तमिलनाडु6.40%4.94%बढ़ती परिवहन लागत और वाणिज्यिक सेवा सूचकांक
आंध्र प्रदेश6.36%7.08%उच्च कृषि मूल्य निर्धारण और परिवहन सेवाएं
ओडिशा5.39%5.15%खाद्य आपूर्ति में देरी और ग्रामीण आवास किराया
मध्य प्रदेश5.24%5.09%ग्रामीण उपभोग लागत में वृद्धि
दिल्ली2.96%अत्यधिक कुशल नगर निगम वितरण और आपूर्ति रसद

यह क्षेत्रीय भिन्नता अलग-अलग स्थानीय उपभोग संरचनाओं को दर्शाती है। तेजी से शहरीकृत हो रहे दक्षिणी राज्य, जिनमें सेवा क्षेत्र बड़ा है और खर्च योग्य आय (disposable incomes) अधिक है, संशोधित श्रृंखला के तहत परिवहन, आवास और विवेकाधीन सेवाओं के बढ़े हुए भार के कारण उच्च मुद्रास्फीति दर्ज कर रहे हैं।

व्यापक आर्थिक निहितार्थ और मौद्रिक नीति दुविधाएं

मुद्रास्फीति का 4% के मध्य बिंदु लक्ष्य को पार करना आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के सामने एक चुनौतीपूर्ण परिदृश्य प्रस्तुत करता है।

                  ┌────────────────────────────────────────┐                  │ पश्चिम एशिया संघर्ष और कच्चे तेल की अस्थिरता │                  └───────────────────┬────────────────────┘                                      ▼                  ┌────────────────────────────────────────┐                  │ घरेलू खुदरा ईंधन कीमतों में वृद्धि (मई)  │                  └───────────────────┬────────────────────┘                                      ▼                  ┌────────────────────────────────────────┐                  │ परिवहन और कोर सेवाओं की मुद्रास्फीति में उछाल │                  └───────────────────┬────────────────────┘                                      ▼        ┌──────────────────────────────────────────────────────────┐        │ मुख्य सीपीआई 4.0% के लक्ष्य को पार कर गया (जून 2026 में 4.38%) │        └─────────────────────────────┬────────────────────────────┘                                      ▼        ┌──────────────────────────────────────────────────────────┐        │  आरबीआई एमपीसी नीतिगत दुविधा: नीति सख्त करें या प्रतीक्षा करें? │        └──────────────────────────────────────────────────────────┘

1. लचीला मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण (FIT) ढांचा

संशोधित आरबीआई अधिनियम, 1934 की धारा 45ZA के तहत, केंद्र सरकार, आरबीआई के परामर्श से, हर पांच साल में एक बार खुदरा मुद्रास्फीति का लक्ष्य निर्धारित करती है। मार्च 2026 में, सरकार ने आधिकारिक तौर पर एफआईटी (FIT) ढांचे को बरकरार रखा, और 31 मार्च 2031 को समाप्त होने वाली अगली पांच साल की अवधि के लिए मुख्य सीपीआई लक्ष्य को 2.0% से 6.0% के सहनशीलता बैंड के साथ 4.0% पर बनाए रखा।

लक्ष्य को बनाए रखने में विफलता को कानूनी रूप से इस रूप में परिभाषित किया गया है जब मुख्य मुद्रास्फीति लगातार तीन तिमाहियों तक 6% से ऊपर या 2% से नीचे बनी रहे। यदि ऐसा होता है, तो आरबीआई को सरकार को एक लिखित जवाबदेही रिपोर्ट सौंपनी होगी, जिसमें विफलता के कारणों को स्पष्ट करना, उपचारात्मक उपायों को रेखांकित करना और सुधार की समय सीमा का अनुमान लगाना होगा।

2. एमपीसी की सीधी नीतिगत दुविधा

जून 2026 की अपनी नीतिगत बैठक में, एमपीसी ने अपने तटस्थ नीतिगत रुख को बनाए रखते हुए बेंचमार्क रेपो रेट को 5.25% पर अपरिवर्तित रखने के लिए मतदान किया था। हालांकि, जून के 4.38% के प्रिंट ने इस बहस को तेज कर दिया है:

संकुचनकारी (सख्त) रुख का पक्ष: अर्थशास्त्रियों का तर्क है कि चूंकि परिवहन लागत में तेजी से वृद्धि हुई है और कोर मुद्रास्फीति बढ़कर 4.1% हो गई है, इसलिए द्वितीयक प्रभावों (second-round effects) का जोखिम बढ़ गया है। इससे मुद्रास्फीति की उम्मीदें अस्थिर हो सकती हैं, जिससे कुछ विश्लेषक वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में रेपो दर में कुल 50 आधार अंकों की वृद्धि का अनुमान लगा रहे हैं।

"प्रतीक्षा करो और देखो" दृष्टिकोण का पक्ष: दूसरों का तर्क है कि चूंकि यह वृद्धि घरेलू मांग के अत्यधिक बढ़ने के बजाय अस्थायी आपूर्ति झटकों (कम मानसून बारिश और भू-राजनीतिक तेल अस्थिरता) के कारण है, इसलिए ब्याज दरों को सख्त करना उल्टा असर डाल सकता है। दरों में वृद्धि से आर्थिक गतिविधि धीमी हो सकती है। हालांकि वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर 7.8% पर मजबूत थी, जिससे पूरे वर्ष की वृद्धि 7.7% रही, लेकिन वित्त वर्ष 2027 में इसके घटकर लगभग 6.6% रहने का अनुमान है। अनुमानित मंदी के दौरान उधारी लागत बढ़ाने से विकास संबंधी चिंताएं और बढ़ सकती हैं।

आपकी परीक्षा की तैयारी के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है

सिविल सेवा के गंभीर उम्मीदवारों के लिए, भारत की खुदरा मुद्रास्फीति और संशोधित सीपीआई श्रृंखला को ट्रैक करना यूपीएससी सीएसई प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा (सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र III: भारतीय अर्थव्यवस्था) दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

प्रारंभिक परीक्षा के लिए उच्च-लाभ वाले सिद्धांत:

कोर बनाम मुख्य मुद्रास्फीति: मुख्य सीपीआई और कोर मुद्रास्फीति (जिसमें भोजन और ईंधन जैसे अस्थिर घटक शामिल नहीं होते) के बीच अंतर को समझें।

सीपीआई 2024 के सांख्यिकी तंत्र: संरचनात्मक बदलावों पर विशेष ध्यान दें: अद्यतन आधार वर्ष 2024, खाद्य और पेय पदार्थों का घटा हुआ भार (36.75%), आवास का बढ़ा हुआ भार (17.66%), ग्रामीण आवास किराये का एकीकरण, और अंतर्राष्ट्रीय COICOP वर्गीकरण को अपनाना।

मौद्रिक नीति संरचना: आरबीआई अधिनियम, 1934 की धारा 45ZB के तहत एमपीसी के वैधानिक आधार, इसकी संरचना (6 सदस्य), मतदान और कोरम नियमों तथा नीतिगत विफलता की कानूनी परिभाषा को समझें।

मुख्य परीक्षा के लिए विश्लेषणात्मक अंतर्दृष्टि:

मौद्रिक निर्णयों से खाद्य अस्थिरता का अलग होना: मौद्रिक नीति पर मुख्य परीक्षा के उत्तरों में, इस बात का विश्लेषण करें कि खाद्य पदार्थों के भार को घटाकर 36.75% करने से आरबीआई को मौसमी कृषि अस्थिरता को फिल्टर करने में कैसे मदद मिलती है। यह संरचनात्मक बदलाव एमपीसी को नीतिगत दरों को कैलिब्रेट करते समय अंतर्निहित कोर मुद्रास्फीति के रुझानों पर ध्यान केंद्रित करने की अनुमति देता है।

आपूर्ति-पक्ष के झटकों पर मांग-पक्ष के मौद्रिक साधनों की सीमाएं: इस बात पर आलोचनात्मक चर्चा करें कि रेपो दर जैसे मौद्रिक साधन कुल मांग को प्रबंधित करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। जब मुद्रास्फीति आपूर्ति-पक्ष के झटकों से प्रेरित हो—जैसे कि भू-राजनीतिक रूप से प्रेरित तेल की कीमतों में वृद्धि या मानसून की कमी—तो केवल मौद्रिक कड़ाई पर निर्भर रहना अक्षम हो सकता है और यह आर्थिक विकास को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके लिए आपूर्ति-पक्ष की नीतियों, जैसे कि कोल्ड स्टोरेज बुनियादी ढांचे, कृषि आपूर्ति श्रृंखला हस्तक्षेप, आयात शुल्क प्रबंधन और लक्षित ईंधन सब्सिडी के महत्व को उजागर करें।

विविध उपभोग संरचनाएं और संघवाद: स्पष्ट करें कि नई श्रृंखला के तहत कृषि प्रधान राज्यों की तुलना में उच्च आय वाले, शहरीकृत राज्यों में सेवा-संचालित मुद्रास्फीति अधिक क्यों देखी जाती है। चर्चा करें कि यह विचलन जीवन-यापन की लागत, क्षेत्रीय क्रय शक्ति और राज्य-स्तरीय कल्याणकारी खर्चों को कैसे प्रभावित करता है।

उम्मीदवारों के लिए अभ्यास प्रश्न

1. यूपीएससी सीएसई प्रारंभिक परीक्षा-शैली का प्रश्न

प्रश्न. संशोधित उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) श्रृंखला (आधार वर्ष 2024 = 100) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

अद्यतन उपभोग भार घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण (HCES) 2023-24 से लिए गए हैं।

नई श्रृंखला के तहत, 'खाद्य और पेय पदार्थ' प्रभाग का सापेक्ष भार कम कर दिया गया है, जबकि 'आवास' प्रभाग का भार बढ़ा दिया गया है।

पहली बार, ग्रामीण क्षेत्र के लिए एक मकान किराया उप-सूचकांक संकलित और एकीकृत किया गया है।

यह श्रृंखला डिजिटल प्रविष्टि त्रुटियों से बचने के लिए 1,400 से अधिक शहरी बाजारों और 1,400 ग्रामीण बाजारों से डेटा एकत्र करने के लिए कागज-आधारित मासिक सूचियों का उपयोग करती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

(a) केवल 1, 2 और 3

(b) केवल 1, 3 and 4

(c) केवल 2 और 4

(d) 1, 2, 3 और 4

उत्तर: (a)

स्पष्टीकरण:

कथन 1 सही है: सीपीआई 2024 श्रृंखला HCES 2023-24 के उपभोग भार पर आधारित है।

कथन 2 सही है: खाद्य और पेय पदार्थों का भार 45.86% से घटाकर 36.75% कर दिया गया, जबकि आवास का भार 10.07% से बढ़कर 17.66% हो गया।

कथन 3 सही है: पहली बार ग्रामीण मकान किराया उप-सूचकांक संकलित और शामिल किया गया है।

कथन 4 गलत है: MoSPI ने पारंपरिक कागज-आधारित सूचियों को चरणबद्ध तरीके से समाप्त कर दिया है, और मैन्युअल प्रविष्टि त्रुटियों को कम करने तथा डेटा प्रोसेसिंग को तेज करने के लिए कंप्यूटर असिस्टेड पर्सनल इंटरव्यूइंग (CAPI) सॉफ्टवेयर से लैस फील्ड टैबलेट को पूरी तरह से अपना लिया है।

2. यूपीएससी सीएसई मुख्य परीक्षा-शैली का निबंध/प्रश्न प्रारूप

प्रश्न. "भारत के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) का 2024 की आधार श्रृंखला में स्थानांतरण आधुनिक उपभोग वास्तविकताओं को कैप्चर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, संरचनात्मक रूप से विविध और आपूर्ति-संवेदनशील अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति का प्रबंधन केंद्रीय बैंक के लिए एक जटिल कार्य बना हुआ है।" इस कथन का विस्तार से विश्लेषण कीजिए, तथा सीपीआई श्रृंखला में संरचनात्मक परिवर्तनों और भारत के मौद्रिक नीति ढांचे की प्रभावशीलता पर उनके प्रभाव का परीक्षण कीजिए।

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