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मैरिनर-10: बुध की कक्षा में पहुंचने वाला पहला अंतरिक्ष यान | Current Affairs March 2025 | Atharva Examwise मैरिनर-10: बुध की कक्षा में पहुंचने वाला पहला अंतरिक्ष यान | Current Affairs March 2025 | Atharva Examwise

28 Mar 2025 28 Mar 2025

मैरिनर-10: बुध की कक्षा में पहुंचने वाला पहला अंतरिक्ष यान | Current Affairs March 2025 | Atharva Examwise
Space (Nasa, Isro etc) Hindi 28 Mar 2025

मैरिनर-10: बुध की कक्षा में पहुंचने वाला पहला अंतरिक्ष यान | Current Affairs March 2025 | Atharva Examwise

मैरिनर-10 बना बुध की कक्षा में पहुंचने वाला पहला यान, जिसने सूर्य के प्रकाश और शुक्र की गुरुत्वाकर्षण शक्ति का उपयोग किया। Daily GK Update.

NASA का मैरिनर-10: बुध और शुक्र पर ऐतिहासिक मिशन

Current Affairs March 2025 | Atharva Examwise Current News

29 मार्च 1974 को नासा (NASA) का मैरिनर-10 अंतरिक्ष यान बुध ग्रह की कक्षा में पहुंचने वाला पहला यान बन गया। यह नासा के Mariner प्रोग्राम का अंतिम मिशन था, जिसे बुध और शुक्र ग्रहों के अध्ययन के लिए लॉन्च किया गया था। यह मिशन न केवल विज्ञान की दुनिया में एक क्रांति था, बल्कि यह विषय competitive exam news और daily GK update के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है।

शुक्र की मदद से बुध तक की ऐतिहासिक यात्रा

मैरिनर-10 ने अपनी यात्रा में शुक्र की गुरुत्वाकर्षण शक्ति (Gravity Assist) का उपयोग किया।

यह पहला मौका था जब किसी अंतरिक्ष मिशन ने एक ग्रह की ग्रैविटी का इस्तेमाल करके दूसरे ग्रह तक पहुंच बनाई।

यह तकनीक बाद में कई अंतरिक्ष मिशनों के लिए मार्गदर्शक बनी।

🔗 NASA की आधिकारिक वेबसाइट पर मैरिनर-10 मिशन पढ़ें

सूरज की रोशनी से दिशा बदली: सौर दबाव का कमाल

जब मैरिनर-10 बुध के करीब पहुंचा, तो इसका ईंधन तेजी से खत्म होने लगा।
ऐसे में वैज्ञानिकों ने पहली बार सूर्य की रोशनी (Solar Radiation Pressure) का प्रयोग करके यान की दिशा बदलने का फैसला किया।

सूर्य की रोशनी में हल्का-सा दबाव होता है जो हल्की वस्तुओं को गति देने में सक्षम होता है।

यह अंतरिक्ष विज्ञान के इतिहास में पहली बार था जब किसी यान ने सौर दबाव से दिशा बदली

मैरिनर-10 की प्रमुख उपलब्धियां

बुध की कक्षा में पहुंचने वाला पहला अंतरिक्ष यान

शुक्र की ग्रैविटी का उपयोग करके यात्रा पूरी की

तीन बार बुध के पास से उड़ान भरी

भेजी 2800+ तस्वीरें, जिससे ज्ञात हुआ कि बुध की सतह चंद्रमा जैसी है

सौर दबाव से दिशा बदलने वाला पहला यान

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुख्य तथ्य | Key Takeaways

मैरिनर-10 ने 29 मार्च 1974 को बुध की कक्षा में प्रवेश किया।

यह नासा के Mariner प्रोग्राम का अंतिम मिशन था।

इसने शुक्र की गुरुत्वाकर्षण शक्ति का उपयोग किया।

3 बार बुध के पास से गुजरा और 2800 से अधिक तस्वीरें भेजीं।

सौर दबाव से दिशा बदलने वाला पहला यान बना।

इसकी तस्वीरों ने बताया कि बुध की सतह चंद्रमा जैसी है

परीक्षा के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह खबर?

UPSC Prelims, SSC CGL, Banking, रेलवे जैसी परीक्षाओं में अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े करंट अफेयर्स नियमित पूछे जाते हैं।

Mariner-10 से जुड़ी वैज्ञानिक तकनीकें जैसे Gravity Assist और Solar Pressure Navigation, विज्ञान और तकनीक (GS Paper 3) के लिए महत्वपूर्ण हैं।

यह विषय March 2025 current affairs के अंतर्गत जरूर तैयार करें।

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