UPSC करेंट अफेयर्स: भारतीय भौतिक विज्ञानी दीपक धर को 2026 ICTP डिराक मेडल से सम्मानित किया गया | दैनिक GK अपडेट
भारतीय विज्ञान के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि में, प्रसिद्ध सैद्धांतिक भौतिक विज्ञानी प्रोफेसर दीपक धर को इंटरनेशनल सेंटर फॉर थ्योरेटिकल फिजिक्स (ICTP) द्वारा प्रतिष्ठित 2026 डिराक मेडल (Dirac Medal) से सम्मानित किया गया है। प्रोफेसर धर, जो वर्तमान में बेंगलुरु स्थित इंटरनेशनल सेंटर फॉर थ्योरेटिकल साइंसेज (ICTS-TIFR) में इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी (INSA) के प्रतिष्ठित प्रोफेसर हैं, 2012 में स्ट्रिंग थ्योरिस्ट अशोक सेन के बाद यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त करने वाले केवल दूसरे भारतीय वैज्ञानिक बन गए हैं।
ICTP डिराक मेडल को सैद्धांतिक भौतिकी में सर्वोच्च वैश्विक सम्मानों में से एक माना जाता है। 2026 का पुरस्कार सांख्यिकी यांत्रिकी (statistical mechanics) और जटिल प्रणालियों में इसके अनुप्रयोगों में अभूतपूर्व योगदान के लिए चार प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों को संयुक्त रूप से प्रदान किया गया है। प्रोफेसर धर के साथ, अन्य तीन सह-प्राप्तकर्ता फ्रांस के बर्नार्ड डरिडा (Bernard Derrida), इटली के मार्क मेज़ार्ड (Marc Mézard), और इज़राइल के हैम सोम्पोलिंस्की (Haim Sompolinsky) हैं।
UPSC करेंट अफेयर्स, दैनिक GK अपडेट और आज की प्रतियोगी परीक्षा समाचारों के लिए यह उच्च प्राथमिकता वाला अपडेट पुरस्कार, प्रोफेसर धर के वैज्ञानिक करियर और UPSC सिविल सेवा परीक्षा एवं राज्य PSC परीक्षाओं के लिए इसकी सीधी प्रासंगिकता का संपूर्ण विश्लेषण प्रदान करता है। अभ्यर्थी अथर्व एग्जामवाइज़ (Atharva Examwise) UPSC करेंट अफेयर्स पोर्टल के माध्यम से व्यापक वैज्ञानिक समसामयिक घटनाओं तक पहुंच सकते हैं और अथर्व एग्जामवाइज़ डेली GK अपडेट्स के माध्यम से राष्ट्रीय विकास को ट्रैक कर सकते हैं।
ICTP डिराक मेडल और इसकी ऐतिहासिक विरासत का अवलोकन
डिराक मेडल की स्थापना 1985 में ट्रिएस्टे, इटली स्थित इंटरनेशनल सेंटर फॉर थ्योरेटिकल फिजिक्स (ICTP) द्वारा आधुनिक क्वांटम यांत्रिकी के संस्थापकों में से एक पॉल ए. एम. डिराक के सम्मान में की गई थी।
पुरस्कार घोषणा की तिथि: यह पदक पारंपरिक रूप से हर साल 8 अगस्त को पॉल डिराक की जयंती के अवसर पर घोषित किया जाता है।
पात्रता मानदंड: यह पुरस्कार उन सैद्धांतिक भौतिक विज्ञानियों को मान्यता देता है जिन्होंने महत्वपूर्ण शोध योगदान दिया है लेकिन उन्हें अभी तक नोबेल पुरस्कार या फील्ड्स मेडल प्राप्त नहीं हुआ है।
प्रतिष्ठा और विरासत: पिछले चार दशकों में, ICTP डिराक मेडल स्टीफन हॉकिंग सहित दुनिया के कुछ सबसे प्रसिद्ध सैद्धांतिक भौतिक विज्ञानियों को प्रदान किया गया है।
भारतीय पुरस्कार विजेता: स्ट्रिंग थ्योरिस्ट प्रोफेसर अशोक सेन 2012 में डिराक मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बने थे। प्रोफेसर दीपक धर का 2026 में चयन उन्हें इस वैश्विक सम्मान का दूसरा भारतीय प्राप्तकर्ता बनाता है।
वैश्विक भौतिक अनुसंधान केंद्रों के बारे में आगे की संस्थागत अंतर्दृष्टि आधिकारिक इंटरनेशनल सेंटर फॉर थ्योरेटिकल फिजिक्स (ICTP) प्लेटफॉर्म और इंटरनेशनल सेंटर फॉर थ्योरेटिकल साइंसेज (ICTS-TIFR) पर देखी जा सकती है।
प्रोफेसर दीपक धर का जीवन और शैक्षिक सफर
30 अक्टूबर 1951 को उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में जन्मे प्रोफेसर दीपक धर का शुरुआती बचपन हिंदी माध्यम के शैक्षणिक माहौल में बीता। जहाँ उनकी माँ चाहती थीं कि वे भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में शामिल हों, वहीं उनके पिता ने नियमित रूप से विज्ञान साहित्य, विशेष रूप से 'अंडरस्टैंडिंग साइंस' (Understanding Science) पत्रिका उपलब्ध कराकर उनकी वैज्ञानिक जिज्ञासा को पोषित किया।
स्नातक अध्ययन: 1970 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ साइंस (B.Sc.) की डिग्री पूरी की।
स्नातकोत्तर: 1972 में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर से भौतिकी में मास्टर ऑफ साइंस (M.Sc.) की डिग्री प्राप्त की।
कैल्टेक में डॉक्टरेट अनुसंधान: रिचर्ड फेनमैन फेलोशिप के तहत कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Caltech), अमेरिका गए। उन्होंने 1978 में डॉक्टरेट सलाहकार जॉन मैथ्यूज के मार्गदर्शन में अपनी पीएच.डी. पूरी की, जबकि उन्होंने शिक्षण सहायक (teaching assistant) के रूप में महान भौतिक विज्ञानी रिचर्ड फेनमैन के साथ मिलकर काम किया।
भारत वापसी: भारत में अपना करियर बनाने का विकल्प चुनते हुए, प्रोफेसर धर 1978 में मुंबई स्थित टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (TIFR) में रिसर्च फेलो के रूप में शामिल हुए और धीरे-धीरे प्रोफेसर के पद तक पहुंचे।
शैक्षणिक योगदान: TIFR में लगभग चार दशकों के बाद, उन्होंने बेंगलुरु में ICTS-TIFR में अपना वर्तमान पद संभालने से पहले, भारतीय विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (IISER) पुणे में लगभग आठ वर्षों तक प्रतिष्ठित प्रोफेसर के रूप में कार्य किया।
प्रमुख वैज्ञानिक उपलब्धियां: सांख्यिकी यांत्रिकी और जटिल प्रणालियाँ
सांख्यिकी यांत्रिकी (Statistical mechanics) सैद्धांतिक भौतिकी की वह मौलिक शाखा है जो यह विश्लेषण करती है कि सूक्ष्म कणों का बड़ा समूह मिलकर मैक्रोस्कोपिक (स्थूल) भौतिक परिघटनाओं को कैसे जन्म देता है। प्रोफेसर धर का शोध जटिल प्रणालियों, स्टोकेस्टिक प्रक्रियाओं और गैर-संतुलन सांख्यिकी यांत्रिकी पर केंद्रित है।
स्व-संगठित क्रांतिकता और सैंडपाइल मॉडल
1987 में, भौतिक विज्ञानी पेर बक (Per Bak), चाओ तांग (Chao Tang) और कर्ट विसेनफेल्ड (Kurt Wiesenfeld) ने यह समझाने के लिए "स्व-संगठित क्रांतिकता" (Self-Organised Criticality) की अवधारणा प्रस्तावित की कि कैसे जटिल गतिशील प्रणालियाँ स्वतः ही एक क्रांतिक सीमा (critical threshold) की ओर विकसित होती हैं। इस क्रांतिक अवस्था में, एक मामूली सी हलचल भी नगण्य बदलावों से लेकर बड़े पैमाने पर भूस्खलन/हिमस्खलन (avalanches) जैसे परिणाम उत्पन्न कर सकती है।
प्रोफेसर दीपक धर ने अबेलियन सैंडपाइल मॉडल (Abelian Sandpile Model) तैयार करके इस परिघटना के लिए निश्चित गणितीय ढांचा प्रदान किया। "अबेलियन" शब्द का अर्थ है कि रेत के कणों के गिरने या ढहने का क्रम चाहे जो भी हो, प्रणाली की अंतिम संतुलन अवस्था एक समान ही रहती है। इस अंतर्दृष्टि ने सैंडपाइल मॉडल को हल करने योग्य गणितीय समस्याओं में बदल दिया, जिससे भौतिक विज्ञानियों के लिए जटिल व्यवहारों के सटीक समाधान की गणना करना संभव हो गया।
धर का बर्निंग एल्गोरिदम और अंतरविषयक अनुप्रयोग
यह निर्धारित करने के लिए कि सैंडपाइल मॉडल में कोई विशिष्ट स्थिति आवर्ती (recurrent) है या नहीं, प्रोफेसर धर ने एक गणितीय तकनीक पेश की जिसे 'धर बर्निंग एल्गोरिदम' (Dhar's Burning Algorithm) के रूप में जाना जाता है। सैद्धांतिक भौतिकी से परे, इन सांख्यिकीय उपकरणों ने विभिन्न जटिल प्रणालियों के विश्लेषण के लिए व्यावहारिक ढांचे प्रदान किए हैं, जिनमें शामिल हैं:
भूकंप के परिमाण का वितरण और भूकंपीय तनाव का प्रसार
शहरी यातायात भीड़भाड़ और नेटवर्क बॉटमनेक गतिशीलता
वित्तीय बाजारों में अस्थिरता, क्रैश और एल्गोरिथम व्यवहार
कृत्रिम बुद्धिमत्ता में कम्प्यूटेशनल न्यूरल नेटवर्क और सूचना प्रसंस्करण
2026 ICTP डिराक मेडल के सह-प्राप्तकर्ताओं का प्रोफाइल
| वैज्ञानिक का नाम | संस्थागत संबद्धता | प्राथमिक अनुसंधान क्षेत्र एवं प्रमुख योगदान |
|---|---|---|
| प्रो. दीपक धर | ICTS-TIFR बेंगलुरु, भारत | सांख्यिकी यांत्रिकी में सटीक समाधान, अबेलियन सैंडपाइल मॉडल, और स्व-संगठित क्रांतिकता |
| प्रो. बर्नार्ड डरिडा | कॉलेज डी फ्रांस, फ्रांस | गैर-संतुलन सांख्यिकी यांत्रिकी, विकारयुक्त प्रणालियाँ (disordered systems), और सूक्ष्म प्रवाह गतिशीलता |
| प्रो. मार्क मेज़ार्ड | बोकोनी विश्वविद्यालय, इटली | स्पिन ग्लास सिद्धांत, अनुकूलन (optimization) समस्याएं, मशीन लर्निंग एल्गोरिदम में सांख्यिकीय भौतिकी |
| प्रो. हैम सोम्पोलिंस्की | हार्वर्ड विश्वविद्यालय, अमेरिका | सैद्धांतिक तंत्रिका विज्ञान, मस्तिष्क कार्य के कम्प्यूटेशनल मॉडल, और न्यूरल नेटवर्क गतिशीलता |
प्रोफेसर दीपक धर द्वारा प्राप्त प्रमुख पुरस्कार और राष्ट्रीय सम्मान
| पुरस्कार / सम्मान का नाम | प्रदान करने वाली संस्था / निकाय | वर्ष |
|---|---|---|
| INSA यंग साइंटिस्ट मेडल | इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी | 1983 |
| शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार | CSIR, भारत सरकार | 1991 |
| ICTP जे. रॉबर्ट श्रिफर पुरस्कार | ICTP, ट्रिएस्टे, इटली | 1993 |
| INSA एस. एन. बोस मेडल | इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी | 2001 |
| TWAS भौतिकी पुरस्कार | द वर्ल्ड एकेडमी ऑफ साइंसेज | 2002 |
| बोल्ट्ज़मान मेडल | IUPAP (पहले भारतीय प्राप्तकर्ता) | 2022 |
| पद्म भूषण | भारत सरकार (विज्ञान एवं इंजीनियरिंग) | 2023 |
| ICTP डिराक मेडल | ICTP, ट्रिएस्टे, इटली (दूसरे भारतीय प्राप्तकर्ता) | 2026 |
आपकी परीक्षा की तैयारी के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है
प्रोफेसर दीपक धर के वैज्ञानिक योगदान और ICTP डिराक मेडल की प्रतिष्ठा को समझना UPSC प्रारंभिक और मुख्य परीक्षाओं के साथ-साथ राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में उच्च अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है।
UPSC प्रारंभिक परीक्षा और वस्तुनिष्ठ परीक्षाओं के लिए परीक्षा-उपयोगी मुख्य तथ्य:
प्रथम और द्वितीय भारतीय पुरस्कार विजेता: अशोक सेन 2012 में डिराक मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बने थे, जबकि दीपक धर 2026 में दूसरे भारतीय विजेता हैं।
बोल्ट्ज़मान मेडल मील का पत्थर: प्रोफेसर धर 2022 में इंटरनेशनल यूनियन ऑफ प्योर एंड एप्लाइड फिजिक्स (IUPAP) द्वारा त्रिवार्षिक रूप से प्रदान किया जाने वाला बोल्ट्ज़मान मेडल प्राप्त करने वाले पहले भारतीय वैज्ञानिक थे।
नागरिक सम्मान: उन्हें विज्ञान और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उनकी सेवा के लिए 2023 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।
स्थापना निकाय: डिराक मेडल ICTP (ट्रिएस्टे, इटली में स्थित) द्वारा प्रदान किया जाता है और इसकी घोषणा प्रतिवर्ष 8 अगस्त को की जाती है।
वैज्ञानिक शब्दावली: सामान्य विज्ञान मॉड्यूल में स्व-संगठित क्रांतिकता, अबेलियन सैंडपाइल मॉडल और सांख्यिकी यांत्रिकी जैसी अवधारणाओं पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
UPSC मुख्य परीक्षा (GS पेपर III - विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी) के लिए विश्लेषणात्मक मूल्य:
स्वदेशी अनुसंधान उत्कृष्टता: कैल्टेक से पीएच.डी. करने के बाद 1978 में भारत लौटने का प्रोफेसर धर का निर्णय विश्व स्तरीय घरेलू विज्ञान बुनियादी ढांचे के निर्माण में TIFR, IISERs और ICTS जैसे राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थानों की भूमिका को रेखांकित करता है।
मौलिक अनुसंधान का अंतरविषयक प्रभाव: मुख्य परीक्षा के प्रश्नों में अक्सर इस बात पर चर्चा की जाती है कि सैद्धांतिक विज्ञान किस प्रकार वास्तविक दुनिया के तकनीकी अनुप्रयोगों को जन्म देता है। प्रोफेसर धर के सैद्धांतिक मॉडल यह दर्शाते हैं कि सांख्यिकीय भौतिकी उभरती हुई प्रौद्योगिकियों के लिए मौलिक उपकरण कैसे प्रदान करती है, जिनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जटिल न्यूरल नेटवर्क संरचना, बाजार अस्थिरता मॉडलिंग और आपदा प्रबंधन प्रणालियाँ शामिल हैं।
अभ्यर्थी अथर्व एग्जामवाइज़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मॉड्यूल में अभ्यास प्रश्नों का प्रयास करके अपनी तैयारी को मजबूत कर सकते हैं और व्यापक करेंट अफेयर्स अपडेट के लिए दैनिक सूचनाओं की सदस्यता ले सकते हैं।