यूपीएससी करेंट अफेयर्स आज: गूगल एंटीग्रैविटी एआई जेम्मा ट्रांसलेटर, एज एआई, और दैनिक जीके अपडेट
गूगल एंटीग्रैविटी एआई जेम्मा ट्रांसलेटर का अवलोकन (Overview of the Google Antigravity AI Gemma Translator)
गूगल ने अपनी एंटीग्रैविटी प्लेटफॉर्म टीम (Antigravity platform team) और गूगल क्रिएटिव लैब (Google Creative Lab) के सहयोग से जेम्मा ट्रांसलेटर (Gemma Translator) के विकास की घोषणा की है। यह एक स्वायत्त (autonomous) एआई अनुवाद उपकरण है जो सक्रिय इंटरनेट कनेक्शन की आवश्यकता के बिना वास्तविक समय (real-time) में स्पीच-टू-स्पीच (वाक्-से-वाक्) अनुवाद करने में सक्षम है। एज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए एक तकनीकी शोकेस और संदर्भ डिजाइन (reference design) के रूप में निर्मित, यह भौतिक प्रोटोटाइप यह प्रदर्शित करता है कि आधुनिक बड़े पैमाने की जनरेटिव भाषा क्षमताओं को पूरी तरह से कम लागत वाले सिंगल-बोर्ड कंप्यूटरों पर चलाने के लिए अनुकूलित (optimize) किया जा सकता है।
पारंपरिक मशीन अनुवाद अनुप्रयोग, जिनमें मानक क्लाउड-आधारित सेवाएं शामिल हैं, निरंतर उच्च-गति नेटवर्क कनेक्टिविटी पर निर्भर करते हैं। क्लाइंट डिवाइस द्वारा कैप्चर किया गया उपयोगकर्ता ऑडियो आमतौर पर सेलुलर या वाई-फाई नेटवर्क के माध्यम से दूरस्थ क्लाउड डेटा केंद्रों को भेजा जाता है, जहां बड़े फाउंडेशन मॉडल स्वचालित वाक् पहचान (ASR), मशीन अनुवाद और वाक् संश्लेषण (speech synthesis) करते हैं, जिसके बाद परिवर्तित ऑडियो उपयोगकर्ता को वापस भेजा जाता है। यह निर्भरता नेटवर्क विलंबता (latency) उत्पन्न करती है, महत्वपूर्ण डेटा बैंडविड्थ की खपत करती है, और पारगमन (transit) के दौरान संभावित डेटा गोपनीयता जोखिम पैदा करती है।
जेम्मा ट्रांसलेटर पॉकेट-आकार के, कस्टम 3D-प्रिंटेड एनक्लोजर (enclosure) के भीतर स्थित हार्डवेयर पर स्थानीय रूप से संपूर्ण अनुमान पाइपलाइन (inference pipeline) को निष्पादित करके इस वास्तुकला (architecture) को मौलिक रूप से बदल देता है। प्रसंस्करण को केंद्रीकृत क्लाउड डेटा केंद्रों से सीधे एज (edge) पर स्थानांतरित करके, यह उपकरण दूरस्थ, नेटवर्क-विहीन (network-denied) या सुरक्षा-संवेदनशील वातावरणों में निर्बाध बहुभाषी संचार को सक्षम बनाता है। संबंधित तकनीकी विकासों पर अधिक जानकारी अथर्व एग्जामवाइज साइंस एंड टेक्नोलॉजी नोट्स पर पाई जा सकती है।
प्रमुख तकनीकी तथ्य और हार्डवेयर विनिर्देश (Key Technical Facts and Hardware Specifications)
कोर जनरेटिव एआई इंजन: गूगल के जेम्मा 4 E2B (Gemma 4 E2B) ओपन-वेट फाउंडेशनल मॉडल द्वारा संचालित, जिसे संसाधन-सीमित एज कंप्यूटिंग वातावरण के लिए विशेष रूप से अनुकूलित 5.1 बिलियन पैरामीटर के कुल पैरामीटर फुटप्रिंट और 2.3 बिलियन सक्रिय पैरामीटर के साथ डिज़ाइन किया गया है।
सिंगल-बोर्ड कंप्यूट हार्डवेयर: $100 से कम कीमत वाले सुलभ उपभोक्ता हार्डवेयर पर उच्च परिचालन दक्षता प्रदर्शित करते हुए, 8GB सिस्टम रैम के साथ कॉन्फ़िगर किए गए ऑफ-द-शेल्फ रास्पबेरी पाई 5 (Raspberry Pi 5) सिंगल-बोर्ड कंप्यूटर पर निर्मित।
सॉफ्टवेयर एग्जीक्यूशन स्टैक: क्वांटाइज्ड, कम-विलंबता (low-latency) वाले बड़े भाषा मॉडल अनुमान के लिए गूगल के LiteRT-LM रनटाइम एग्जीक्यूशन फ्रेमवर्क का उपयोग करता है, जिसे स्पीच-टू-टेक्स्ट (STT) और टेक्स्ट-टू-स्पीच (TTS) रूपांतरण के लिए मूनशाइन (Moonshine) स्थानीय एआई प्रोसेसिंग के साथ जोड़ा गया है।
पेरिफेरल और फिजिकल इंटरफेस: एक कस्टम 3D-प्रिंटेड एनक्लोजर की सुविधा है जो एक यूएसबी माइक्रोफोन इंटरफेस, एक ऑडियो स्पीकर, दोहरी-लेन पाठ प्रतिलेखन (dual-lane text transcriptions) दिखाने वाले 480x320 टचस्क्रीन डिस्प्ले, एक पुश-टू-टॉक रिकॉर्डिंग बटन और भाषा चयन के लिए एक रोटरी नॉब (rotary knob) से लैस है।
ओपन सोर्स कोड आर्किटेक्चर: अंतर्निहित सॉफ्टवेयर स्टैक, सेटअप स्क्रिप्ट्स, सिस्टमडी (systemd) सेवा परिनियोजन कॉन्फ़िगरेशन, और 3D एनक्लोजर STL फ़ाइलें गूगल जेम्मा ट्रांसलेटर गिटहब रिपोजिटरी के माध्यम से अपाचे 2.0 लाइसेंस के तहत ओपन-सोर्स की गई हैं।
पूर्ण नेटवर्क स्वतंत्रता: शुरुआती सेटअप के बाद पूरी तरह से ऑफलाइन काम करता है, जिससे सेलुलर डेटा लागत, क्लाउड कंप्यूटिंग विलंबता और निजी वाक् इनपुट की सर्वर-साइड लॉगिंग समाप्त हो जाती है।
| सिस्टम लेयर (System Layer) | तकनीकी घटक (Technical Component) | प्राथमिक परिचालन भूमिका (Primary Operational Role) |
|---|---|---|
| भौतिक हार्डवेयर | रास्पबेरी पाई 5 (8GB RAM) | केंद्रीय प्रसंस्करण इकाई जो सिस्टम निष्पादन और ऑडियो स्ट्रीम को संभालती है |
| ओपन लैंग्वेज मॉडल | जेम्मा 4 E2B (5.1B कुल / 2.3B सक्रिय पैरामीटर) | स्थानीयकृत मशीन अनुवाद और अर्थ संबंधी प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण |
| इन्फरेंस इंजन | LiteRT-LM एग्जीक्यूशन फ्रेमवर्क | ARM आर्किटेक्चर पर उच्च-थ्रूपुट, क्वांटाइज्ड मॉडल निष्पादन |
| वॉइस प्रोसेसिंग | मूनशाइन STT एवं TTS पाइपलाइन | ध्वनिक वाक् संकेतों का टेक्स्ट और संश्लेषित वाक् में ऑफलाइन रूपांतरण |
| सॉफ्टवेयर इंटरफेस | रिएक्ट फ्रंटएंड (Vite) एवं पायथन एपीआई | स्थानीय वेब-आधारित नियंत्रण कक्ष और डुअल-स्पीकर लेन डिस्प्ले रेंडरिंग |
वास्तुशिल्प प्रतिमान: क्लाउड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बनाम एज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Architectural Paradigms: Cloud AI vs Edge AI)
सिंगल-बोर्ड हार्डवेयर पर स्थानीयकृत जनरेटिव एआई का परिनियोजन कंप्यूटर विज्ञान में क्लाउड-केंद्रित प्रतिमानों से एज-आधारित बुद्धिमत्ता की ओर एक सतत संरचनात्मक विकास को रेखांकित करता है। क्लाउड कंप्यूटिंग ने पारंपरिक रूप से डीप लर्निंग के लिए मुख्य बुनियादी ढांचे के रूप में कार्य किया है, जो केंद्रीकृत सर्वर फार्मों में रखे गए ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स (GPUs) के विशाल क्लस्टरों का लाभ उठाता है। हालांकि क्लाउड आर्किटेक्चर लगभग असीमित कम्प्यूटेशनल थ्रूपुट प्रदान करते हैं, वे नेटवर्क विलंबता, सिग्नल बैकहॉलिंग के लिए उच्च ऊर्जा खपत, कनेक्शन आउटेज के प्रति संवेदनशीलता और तृतीय-पक्ष डेटा एक्सेस से जुड़े व्यवस्थित जोखिमों सहित गंभीर परिचालन बाधाएं पेश करते हैं।
एज एआई (Edge AI) एक बुनियादी ढांचे के प्रतिमान का वर्णन करता है जहां मशीन लर्निंग मॉडल डेटा निर्माण के बिंदु के करीब, नेटवर्क की सीमा पर स्थित उपकरणों पर स्थानीय रूप से निष्पादित होते हैं। दूरस्थ क्लाउड वातावरण में निरंतर कच्चे डेटा स्ट्रीम संचारित करने के बजाय, एज डिवाइस स्थानीय स्तर पर इनपुट डेटा को प्रोसेस करते हैं, जिससे मिलीसेकंड में वास्तविक समय अनुमान (real-time inference) प्राप्त होता है। हालांकि प्रारंभिक मॉडल प्रशिक्षण क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर आयोजित एक गहन प्रक्रिया बनी हुई है, फाइन-ट्यून किए गए और क्वांटाइज्ड मॉडल को माइक्रोप्रोसेसरों, न्यूरल प्रोसेसिंग यूनिट्स (NPUs), या कम लागत वाले सिंगल-बोर्ड कंप्यूटरों पर तैनात किया जा सकता है। डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर आगे का विश्लेषण अथर्व एग्जामवाइज डेली करेंट अफेयर्स हब के माध्यम से देखा जा सकता है।
| प्रदर्शन मीट्रिक (Performance Metric) | क्लाउड-आधारित एआई इंफ्रास्ट्रक्चर (Cloud-Based AI Infrastructure) | ऑन-डिवाइस एज एआई इंफ्रास्ट्रक्चर (On-Device Edge AI Infrastructure) |
|---|---|---|
| कम्प्यूटेशनल प्रोसेसिंग | केंद्रीकृत हाइपरस्केल सर्वर फार्म और जीपीयू क्लस्टर | स्थानीय एज प्रोसेसर, माइक्रोकंट्रोलर और सिंगल-बोर्ड कंप्यूटर |
| नेटवर्क निर्भरता | अनिवार्य निरंतर कनेक्शन (5G, वाई-फाई, ब्रॉडबैंड) | पूर्ण स्वायत्तता; ऑफलाइन या एयर-गेप्ड सेटिंग्स में काम करता है |
| विलंबता और प्रतिक्रिया समय | परिवर्तनशील; नेटवर्क भीड़ और राउंड-ट्रिप देरी से सीमित | अत्यधिक कम और निश्चित; मिलीसेकंड के भीतर वास्तविक समय अनुमान |
| डेटा गोपनीयता और सुरक्षा | पारगमन के दौरान उच्च जोखिम और संभावित सर्वर-साइड भंडारण | उच्च गोपनीयता प्रतिधारण; ऑडियो और टेक्स्ट स्थानीय रैम तक सीमित रहते हैं |
| बुनियादी ढांचा लागत संरचना | निरंतर आवर्ती बैंडविड्थ और क्लाउड सदस्यता लागत | शून्य आवर्ती बैंडविड्थ शुल्क के साथ एकल हार्डवेयर पूंजीगत व्यय |
भारत के लिए रणनीतिक प्रासंगिकता: इंडिया एआई मिशन, डेटा संप्रभुता और डीपीडीपी अधिनियम 2023 (Strategic Relevance to India: IndiaAI Mission, Data Sovereignty, and DPDP Act 2023)
एज एआई उपकरणों द्वारा प्रदर्शित तकनीकी व्यवहार्यता भारत की राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी रणनीतियों, नीतिगत जनादेशों और शासन लक्ष्यों के साथ संरेखित होती है। नीति विश्लेषकों और प्रतियोगी परीक्षा के उम्मीदवारों को तीन प्राथमिक रणनीतिक रूपरेखाओं के तहत इस तकनीक का मूल्यांकन करना चाहिए:
इंडिया एआई मिशन के साथ संरेखण (Alignment with the IndiaAI Mission)
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत ₹10,371.92 करोड़ के कुल वित्तीय परिव्यय के साथ राष्ट्रीय इंडिया एआई मिशन (IndiaAI Mission) को मंजूरी दी। जहां चरण 1 ने 38,000 सार्वजनिक-निजी जीपीयू के माध्यम से साझा कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने को प्राथमिकता दी, वहीं इंडिया एआई मिशन 2.0 स्वदेशी संप्रभु मॉडल, छोटे भाषा मॉडल (SLM) और स्थानीयकृत एज अनुप्रयोगों को विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करता है। सब-$100 ($100 से कम) हार्डवेयर पर जटिल अनुवाद पाइपलाइनों को संपीड़ित करना ग्रामीण प्रशासनिक ब्लॉकों में भारतीय भाषा मॉडल—जैसे भाषिणी (Bhashini), भारतजेन (BharatGen) और सर्वम एआई (Sarvam AI)—को तैनात करने के लिए एक व्यावहारिक खाका (blueprint) प्रदान करता है, जहां मजबूत फाइबर-ऑप्टिक या सेलुलर कनेक्टिविटी का अभाव है। विस्तृत नीतिगत विश्लेषण के लिए, अथर्व एग्जामवाइज कॉम्प्रिहेंसिव गाइड टू द इंडिया एआई मिशन पर जाएं।
डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम 2023 के साथ अनुपालन (Compliance with the DPDP Act 2023)
डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (DPDP) अधिनियम 2023 और DPDP नियम 2025 के तहत, डेटा फिडुशियरी (Data Fiduciaries) पर सहमति प्रबंधन, उद्देश्य सीमा और सीमा पार डेटा प्रवाह के संबंध में कड़े दायित्व लगाए गए हैं। नियम 13 यह अनिवार्य करता है कि सिग्निफिकेंट डेटा फिडुशियरी (Significant Data Fiduciaries) वार्षिक डेटा संरक्षण प्रभाव आकलन (DPIA) करें और संवेदनशील डेटा के लिए स्थानीयकृत भंडारण आवश्यकताओं का पालन करें। ऑन-डिवाइस एज एआई समाधान स्वाभाविक रूप से डिज़ाइन द्वारा डीपीडीपी आवश्यकताओं को पूरा करते हैं। चूंकि आवाज डेटा पूरी तरह से हार्डवेयर यूनिट की स्थानीय रैम के भीतर रिकॉर्ड, प्रोसेस, अनुवादित और मिटाया (purged) जाता है, इसलिए कोई भी व्यक्तिगत डेटा उपयोगकर्ता की भौतिक हिरासत से बाहर नहीं जाता है या अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को पार नहीं करता है।
डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास (Evolution of Digital Public Infrastructure)
भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) मॉडल नियम-आधारित लेन-देन परतों (आधार, यूपीआई) से पूर्वानुमानित (predictive), एआई-संचालित सार्वजनिक सेवा वितरण की ओर विकसित हो रहा है। स्थानीय शासन कियोस्क में ऑफलाइन एसएलएम (SLMs) को एकीकृत करने से यह सुनिश्चित होता है कि क्षेत्रीय बोलियां या गैर-अनुसूचित भाषाएं बोलने वाले नागरिक भाषा बाधाओं या नेटवर्क व्यवधानों के बिना कल्याणकारी सेवाओं तक पहुंच सकते हैं, जो सीधे समावेशी शासन जनादेशों का समर्थन करता है। स्थानीय एज कंप्यूटिंग पर अतिरिक्त आधिकारिक तकनीकी दृष्टिकोण इंडिया एआई ऑफिशियल पोर्टल पर प्रकाशित किए गए हैं।
क्षेत्रवार अनुप्रयोग और शासन प्रभाव (Sectoral Applications and Governance Impact)
आपदा प्रतिक्रिया और मानवीय राहत: बाढ़ या भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान, सेलुलर टावर और पावर ग्रिड अक्सर क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। हैंडहेल्ड एज अनुवाद उपकरण राहत कार्यकर्ताओं, सैन्य कर्मियों और अंतर्राष्ट्रीय सहायता एजेंसियों को पूरी तरह से एयर-गेप्ड आपदा क्षेत्रों में विविध भाषाई समूहों के बीच निर्बाध रूप से संवाद करने में सक्षम बनाते हैं।
ग्रामीण जन स्वास्थ्य सेवा वितरण: आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत, दूरस्थ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में काम करने वाली मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता (आशा/ASHAs) और स्वास्थ्य सेवा पेशेवर बिना इंटरनेट कनेक्टिविटी के नैदानिक इतिहास (clinical history) प्राप्त करने, मरीज के लक्षणों को रिकॉर्ड करने और चिकित्सा सलाह देने के लिए ऑफलाइन वाक् अनुवाद उपकरणों का उपयोग कर सकते हैं।
समावेशी शैक्षिक वितरण: ग्रामीण सरकारी स्कूल क्षेत्रीय माध्यम से माध्यमिक पाठ्यक्रम में स्थानांतरित होने वाले छात्रों की सहायता के लिए कम लागत वाले, ओपन-सोर्स शैक्षिक अनुवादक तैनात कर सकते हैं, जिससे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत स्थापित समावेशी शिक्षण लक्ष्यों को समर्थन मिलता है।
एमएसएमई सशक्तिकरण और ग्रामीण व्यापार: इंडिया एआई मिशन 2.0 स्पष्ट रूप से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए तकनीकी प्रवेश बाधाओं को कम करने पर जोर देता है। आत्मनिर्भर, कम लागत वाला अनुवाद हार्डवेयर ग्रामीण कारीगरों, कृषि उत्पादकों और छोटे उद्यमों को भाषा बाधाओं के बिना घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के साथ सीधे व्यापार करने की अनुमति देता है।
परीक्षा-प्रासंगिक डेटा और त्वरित संशोधन सारांश (Exam-Relevant Data and Quick Revision Summary)
टेक डेवलपर: गूगल क्रिएटिव लैब और गूगल एंटीग्रैविटी प्लेटफॉर्म टीम द्वारा विकसित।
एआई मॉडल इंजन: जेम्मा 4 E2B (5.1 बिलियन कुल पैरामीटर / 2.3 बिलियन सक्रिय पैरामीटर)।
भौतिक हार्डवेयर कंप्यूट: रास्पबेरी पाई 5 सिंगल-बोर्ड कंप्यूटर (8GB रैम कॉन्फ़िगरेशन)।
एग्जीक्यूशन फ्रेमवर्क: मूनशाइन स्थानीय स्पीच-टू-टेक्स्ट और टेक्स्ट-टू-स्पीच एआई के साथ जोड़ा गया LiteRT-LM रनटाइम इंजन।
लाइसेंसिंग ढांचा: संपूर्ण कोडबेस, परिनियोजन कॉन्फ़िगरेशन और 3D एनक्लोजर मॉडल अपाचे 2.0 लाइसेंस के तहत ओपन सोर्स हैं।
इंडिया एआई मिशन बजट: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत ₹10,371.92 करोड़ का स्वीकृत वित्तीय परिव्यय।
प्रमुख नीतिगत जुड़ाव: डीपीडीपी अधिनियम 2023 (डिजाइन द्वारा नियम 13 अनुपालन), डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI), भाषिणी (Bhashini), और अनुच्छेद 21 (निजता का अधिकार)।
आपकी परीक्षा की तैयारी के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है (Why This Matters for Your Exam Preparation)
स्थानीय, ओपन-सोर्स एज एआई समाधानों का उद्भव प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेष रूप से यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में एक महत्वपूर्ण बहु-विषयक विषय का प्रतिनिधित्व करता है।
यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए रणनीतिक जुड़ाव (Strategic Linkages for UPSC Civil Services Examination)
सामान्य अध्ययन पेपर 3: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, आईटी, और साइबर सुरक्षा
प्रौद्योगिकी का स्वदेशीकरण: एज एआई यह दर्शाता है कि कम लागत वाले हार्डवेयर पर स्वदेशी स्मॉल लैंग्वेज मॉडल (SLMs) को विकसित और तैनात करके भारत विदेशी क्लाउड डेटा केंद्रों पर अपनी रणनीतिक निर्भरता को कैसे कम कर सकता है।
साइबर सुरक्षा और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा: एयर-गेप्ड, ऑन-डिवाइस प्रोसेसिंग रिमोट डेटा इंटरसेप्शन, सर्वर स्निफिंग और क्रॉस-बॉर्डर डेटा लीक के वैक्टरों को समाप्त करती है, जो रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा अनुप्रयोगों के लिए एक महत्वपूर्ण वास्तुकला के रूप में कार्य करती है।
उभरती प्रौद्योगिकियां: उम्मीदवारों को क्लाउड एआई और एज एआई आर्किटेक्चर की तुलना करने, मॉडल क्वांटाइजेशन तकनीकों का विश्लेषण करने और केंद्रीकृत कंप्यूट शक्ति व स्थानीयकृत परिचालन स्वायत्तता के बीच व्यापार-बंद (trade-offs) का मूल्यांकन करने के लिए तैयार रहना चाहिए।
सामान्य अध्ययन पेपर 2: शासन, राजव्यवस्था और सामाजिक न्याय
डिजिटल गवर्नेंस और सार्वजनिक सेवा वितरण: एज एआई उपकरण डिजिटल इंडिया के तहत अंतिम छोर तक सेवा वितरण को सशक्त बनाते हैं, यह सुनिश्चित करते हैं कि एबीडीएम (ABDM) या एग्रीस्टैक (AgriStack) जैसी योजनाओं के तहत कल्याणकारी वितरण भौगोलिक और कनेक्टिविटी बाधाओं के बावजूद चालू रहे।
मौलिक अधिकार और डेटा गवर्नेंस: ऑन-डिवाइस प्रोसेसिंग अनुच्छेद 21 के तहत व्यक्तिगत निजता की रक्षा के लिए एक तकनीकी तंत्र प्रदान करती है, जो डीपीडीपी अधिनियम 2023 में निहित निजता-बाय-डिज़ाइन (privacy-by-design) सिद्धांतों का सख्ती से पालन करती है।
निबंध और मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन शब्दावली (Essay and Mains Answer Writing Vocabulary)
अभ्यर्थियों को अपनी उत्तर पुस्तिकाओं में प्रमुख विश्लेषणात्मक शब्दावली को शामिल करने की सलाह दी जाती है, जिसमें एज कंप्यूटिंग (Edge Computing), मॉडल क्वांटाइजेशन (Model Quantization), एल्गोरिदमिक संप्रभुता (Algorithmic Sovereignty), स्मॉल लैंग्वेज मॉडल (SLMs), निजता-बाय-डिज़ाइन (Privacy-by-Design), डेटा स्थानीयकरण (Data Localization), और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) जैसे शब्द शामिल हैं।