UPSC करंट अफेयर्स 5 जुलाई 2026: ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स 2026 में भारत 125वें स्थान पर | डेली जीके अपडेट

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रेसिडेंसी और नागरिकता सलाहकार फर्म 'ग्लोबल सिटीजन सॉल्यूशंस' (GCS) द्वारा 'ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स' (GPI) के पांचवें वार्षिक संस्करण के नवीनतम निष्कर्ष जारी किए गए हैं। 30 जून, 2026 को प्रकाशित यह व्यापक रैंकिंग वैश्विक गतिशीलता (global mobility), आर्थिक अवसरों और जीवन स्तर का एक विस्तृत विवरण प्रदान करने के लिए 197 देशों और क्षेत्रों का मूल्यांकन करती है।

सिविल सेवा के गंभीर अभ्यर्थियों के लिए, यह सूचकांक अंतर्राष्ट्रीय संबंधों, मानव विकास संकेतकों और घरेलू पासपोर्ट प्रशासन नीतियों के बीच एक महत्वपूर्ण जुड़ाव का प्रतिनिधित्व करता है। बहुआयामी सूचकांकों को समझना UPSC करंट अफेयर्स पाठ्यक्रम की एक नियमित आवश्यकता है, जो यह मूल्यांकन करता है कि वैश्विक पदानुक्रम भारत के रणनीतिक हितों और विदेश नीति को कैसे प्रभावित करते हैं।

ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स की परिभाषा: एक बहुआयामी मानक

उन पारंपरिक गतिशीलता सूचियों के विपरीत जो केवल वीज़ा-मुक्त यात्रा गंतव्यों की संख्या के आधार पर पासपोर्ट का मूल्यांकन करती हैं, ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स एक समग्र कार्यप्रणाली (holistic methodology) का उपयोग करता है। चौदह अलग-अलग मात्रात्मक संकेतकों को मिलाकर, यह सूचकांक यात्रा, निवेश और अंतर्राष्ट्रीय निवास के दृष्टिकोण से किसी विशिष्ट राष्ट्रीयता को धारण करने के वास्तविक मूल्य को मापता है।

प्रत्येक देश के समग्र स्कोर (composite score) की गणना तीन भारित (weighted) मुख्य स्तंभों के आधार पर की जाती है, जिसके लिए विश्व बैंक, विश्व आर्थिक मंच (WEF) और सतत विकास रिपोर्ट (Sustainable Development Report) सहित प्रमुख बहुपक्षीय संगठनों से प्राप्त अनुभवजन्य डेटा (empirical data) का उपयोग किया जाता है।

ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स के मुख्य स्तंभ

स्तंभ का नाम (Pillar Name)समग्र स्कोर में भार (Weight)मूल्यांकन किए जाने वाले प्राथमिक संकेतक और कारक
उन्नत गतिशीलता (Enhanced Mobility)कुल स्कोर का 50%यात्रा की स्वतंत्रता, वीज़ा आवश्यकताओं और गंतव्य देशों के घरेलू जीवन स्तर के आधार पर उनकी "वांछनीयता" (desirability) को मापता है।
निवेश क्षमता (Investment Potential)कुल स्कोर का 25%आर्थिक माहौल, राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धात्मकता, नवाचार सूचकांक, प्रति व्यक्ति जीएनआई (GNI per capita) और व्यक्तिगत कराधान संरचनाओं का आकलन करता है।
जीवन स्तर (Quality of Living)कुल स्कोर का 25%स्वास्थ्य सेवा बुनियादी ढांचे, शैक्षिक परिणामों, व्यक्तिगत सुरक्षा, सतत विकास, जीवन यापन की लागत और समग्र खुशहाली का मूल्यांकन करता है।

वैश्विक स्थिति: उत्तरी यूरोपीय देशों का दबदबा और गतिशीलता का विभाजन

2026 की रैंकिंग यूरोपीय देशों के पूर्ण वर्चस्व को दर्शाती है, जिन्होंने शीर्ष दस स्थानों में से नौ पर कब्जा कर लिया है। स्वीडन 100 में से 96.05 के समग्र स्कोर के साथ वैश्विक शिखर पर बना हुआ है, जो तीनों स्तंभों में इसके असाधारण प्रदर्शन से प्रेरित है। स्वीडन पूर्ण गतिशीलता में वैश्विक स्तर पर 11वें, निवेश आकर्षण में 9वें और समग्र जीवन स्तर में दूसरे स्थान पर है।

स्विट्जरलैंड और फिनलैंड क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। 10वें स्थान पर मौजूद सिंगापुर शीर्ष दस में प्रवेश करने वाला एकमात्र गैर-यूरोपीय देश है। हालांकि सिंगापुर पूर्ण गतिशीलता और निवेश क्षमता में दुनिया का नेतृत्व करता है, लेकिन जीवन स्तर के संकेतकों में इसके अपेक्षाकृत कम स्कोर ने इसके समग्र संयुक्त रैंक को 10वें स्थान पर धकेल दिया।

सबसे मजबूत पासपोर्ट (स्वीडन, 96.05) और सबसे कमजोर पासपोर्ट (अफगानिस्तान, 23.10) के बीच का अंतर 2021 में सूचकांक की शुरुआत के बाद से हर संस्करण में बढ़ा है। यह अत्यधिक गतिशील ग्लोबल नॉर्थ (Global North) और गंभीर रूप से प्रतिबंधित ग्लोबल साउथ (Global South) के बीच एक मजबूत होते जा रहे ढांचागत विभाजन को दर्शाता है।

ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स 2026 में शीर्ष 10 सबसे मजबूत पासपोर्ट

वैश्विक रैंकदेशप्राथमिक स्तंभ की ताकतवैश्विक गतिशीलता का संदर्भ (Global Mobility Context)
1स्वीडनउच्च जीवन स्तर, मजबूत अर्थव्यवस्थाअत्यधिक वांछनीय गंतव्यों तक पहुंच
2स्विट्जरलैंडउच्च निवेश आकर्षणमजबूत बैंकिंग और आर्थिक स्थिरता
3फिनलैंडजीवन स्तर में वैश्विक स्तर पर प्रथमअसाधारण सुरक्षा और सामाजिक संकेतक
4जर्मनीसभी स्तंभों में लगातार उच्च स्कोरसंतुलित यात्रा और आर्थिक संकेतक
5 (संयुक्त)डेनमार्कउत्कृष्ट जीवन स्तर (वैश्विक स्तर पर चौथा)उच्च सतत विकास और कल्याण
5 (संयुक्त)नीदरलैंडमजबूत गतिशीलता और निवेश मेट्रिक्सअग्रणी यूरोपीय व्यापार और शिपिंग हब
7आयरलैंडसंतुलित यूरोपीय संघ (EU) पासपोर्ट लाभउच्च जीवन स्तर और खुली अर्थव्यवस्था
8यूनाइटेड किंगडमउच्च जीवन स्तर और निवेश स्कोरब्रेक्सिट के बाद के तनाव से प्रभावित यात्रा गतिशीलता
9नॉर्वेयात्रा और सुरक्षा का मजबूत संयोजनउच्च प्रति व्यक्ति GNI और पर्यावरणीय स्कोर
10सिंगापुरगतिशीलता और निवेश स्तंभों में प्रथमजीवन स्तर की रैंकिंग के कारण समग्र रूप से सीमित

नोट: समग्र रैंकिंग में पांचवें स्थान पर टाई होने के कारण, सूची में छठे स्थान पर कोई देश नहीं है।

अन्य प्रमुख वैश्विक शक्तियों में, फ्रांस और संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) संयुक्त रूप से 11वें स्थान पर रहे और शीर्ष दस में जगह बनाने से चूक गए, जबकि कनाडा ने समग्र रूप से 13वां स्थान हासिल किया।

ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स 2026 में भारत की स्थिति: एक दोहरी कहानी

ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स का पांचवां संस्करण भारतीय पासपोर्ट के लिए एक मिश्रित तस्वीर पेश करता है। भारत 197 देशों में से एक स्थान फिसलकर 125वें स्थान पर आ गया है, जो 2025 में 124वें स्थान पर था। दीर्घकालिक रूप से देखें तो भारत का प्रक्षेपवक्र (trajectory) अपेक्षाकृत स्थिर रहा है, जो 2021 में अपनी 127वीं रैंक से केवल दो स्थान ऊपर चढ़ा है।

हालांकि, भारत का समग्र स्कोर (composite score) 45.1 के पांच साल के उच्च स्तर पर पहुंच गया है। यह दर्शाता है कि जहां घरेलू आर्थिक और सामाजिक सुधार भारत के वस्तुनिष्ठ संकेतकों (objective metrics) में सुधार कर रहे हैं, वहीं अन्य विकासशील देश अंतर्राष्ट्रीय यात्रा समझौतों और वीज़ा-मुक्त पहुंच का बहुत तेजी से विस्तार कर रहे हैं, जिससे भारत सापेक्ष रूप से पिछड़ रहा है।

भारित उप-सूचकांकों (Weighted Sub-Indices) में भारत का प्रदर्शन

भारत की 125वीं वैश्विक रैंकिंग के आंतरिक संकेतक तीनों मुख्य मापदंडों में एक उल्लेखनीय असंतुलन प्रदर्शित करते हैं:

जीवन स्तर सूचकांक (Quality of Living Index - 118वां स्थान): यह भारत की प्रगति का सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जो पिछले वर्ष के 129वें स्थान से 11 स्थान ऊपर चढ़ा है। यह सुधार स्वास्थ्य सेवा वितरण, सार्वजनिक शैक्षिक नामांकन और समग्र व्यक्तिगत सुरक्षा उपायों में प्रगति को दर्शाता है।

निवेश सूचकांक (Investment Index - 94वां स्थान): भारत पिछले संस्करण के 97वें स्थान से तीन पायदान सुधरा है। यह वृद्धि एक तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में भारत की स्थिति को दर्शाती है जिसमें मजबूत बाजार नवाचार है, हालांकि व्यक्तिगत कराधान (personal taxation) के उच्च स्तर के कारण देश GCS के निवेश स्टैंडिंग के शीर्ष स्तरों से बाहर बना हुआ है।

उन्नत गतिशीलता सूचकांक (Enhanced Mobility Index - 136वां स्थान): अंतर्राष्ट्रीय यात्रा की स्वतंत्रता भारतीय पासपोर्ट के लिए सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है, जो पिछले वर्ष से एक स्थान नीचे गिर गई है। भारतीय पासपोर्ट वर्तमान में केवल 26 गंतव्यों के लिए वीज़ा-मुक्त या वीज़ा-ऑन-अराइवल पहुंच प्रदान करता है।

त्वरित तथ्य: भारतीय नागरिकों के यात्रा पदचिह्न (Travel Footprint)

वीज़ा-मुक्त / वीज़ा-ऑन-अराइवल पहुंच (26 गंतव्य): भूटान, नेपाल, जमैका, मकाऊ, फिलिस्तीन, ट्यूनीशिया, अंगोला, बारबाडोस, डोमिनिका, फेडरेटेड स्टेट्स ऑफ माइक्रोनेशिया, फिजी, गाम्比亚, ग्रेनाडा, हैती, कजाकिस्तान, किरिबाती, मलेशिया, मालदीव, मॉरीशस, कतर, रवांडा, सेंट विंसेंट एंड ग्रेनेडाइंस, सेनेगल, थाईलैंड, त्रिनिदाद और टोबैगो, और वानुअतु।

अग्रिम वीज़ा अनिवार्य (~88 गंतव्य): संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, फ्रांस, चीन, अंडोरा और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) सहित प्रमुख वैश्विक गंतव्य।

तुलनात्मक स्थिति (एशियाई और पड़ोसी क्षेत्र): एशिया के भीतर मूल्यांकन किए जाने पर भारत 29वें स्थान पर है। अपने निकटतम दक्षिण एशियाई पड़ोस में, भारत चीन (104वें) से पीछे है, लेकिन भूटान (132वें), श्रीलंका (141वें), नेपाल (164वें), बांग्लादेश (166वें) और पाकिस्तान (188वें) से बेहतर प्रदर्शन करता है।

जो अभ्यर्थी इन गतिशीलता प्रवृत्तियों को वैश्विक आर्थिक असमानताओं के साथ जोड़ना चाहते हैं, वे अथर्व एक्जामवाइज करंट न्यूज प्लेटफॉर्म के माध्यम से संबद्ध विषयों पर अधिक पढ़ सकते हैं, जो विश्व असमानता रिपोर्ट 2026 (World Inequality Report 2026) और इसके घरेलू प्रभाव जैसे विषयों पर गहन विश्लेषण प्रदान करता है।

कार्यप्रणाली की तुलना: ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स बनाम हेनले पासपोर्ट इंडेक्स

प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को GCS के ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स को हेनले पासपोर्ट इंडेक्स (HPI) के साथ भ्रमित करने से बचना चाहिए। उनकी कार्यप्रणालियों में अंतर के कारण भारतीय पासपोर्ट के लिए अलग-अलग रैंकिंग प्राप्त होती है।

       [हेनले पासपोर्ट इंडेक्स]                      [ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स]      - विशुद्ध रूप से यात्रा गतिशीलता            - त्रि-स्तंभीय प्रणाली      - 100% वीज़ा-मुक्त गणना                     - 50% उन्नत गतिशीलता      - स्रोत: IATA डेटा                         - 25% निवेश क्षमता      - भारत की रैंक: 80वीं (जुलाई 2026)          - 25% जीवन स्तर                                                 - भारत की रैंक: 125वीं (2026)

पासपोर्ट मूल्यांकन में मुख्य अंतर

विशेषता (Feature)हेनले पासपोर्ट इंडेक्स (HPI)ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स (GPI)
मुख्य फोकसपूर्ण यात्रा गतिशीलता।समग्र नागरिकता और निवास मूल्य।
प्राथमिक डेटा स्रोतइंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA)।विश्व बैंक, WEF, सतत विकास रिपोर्ट।
भारत की रैंक (2026)80वां स्थान (पिछले वर्ष से पांच स्थानों का सुधार)।125वां स्थान (पिछले वर्ष से एक स्थान की गिरावट)।
यात्रा पहुंच स्कोरबिना पूर्व वीज़ा के 55-56 गंतव्यों की अनुमति।बिना पूर्व वीज़ा के 26 गंतव्यों की अनुमति।
मुख्य अंतरगंतव्य के आकर्षण की परवाह किए बिना वीज़ा-मुक्त गंतव्यों की संख्या का मूल्यांकन करता है।गंतव्य के आकर्षण को शामिल करता है और उच्च-QoL देशों की सीमित यात्रा के लिए नकारात्मक अंक (penalize) देता है।

वैश्विक गतिशीलता में उभरते भू-राजनीतिक रुझान

2026 के ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स का विश्लेषणात्मक परीक्षण दो महत्वपूर्ण ढांचागत परिवर्तनों को प्रकट करता है कि कैसे राष्ट्र-राज्य अपनी सीमाओं का प्रबंधन करते हैं:

1. डिजिटल प्री-स्क्रीनिंग प्रणालियों का सुदृढ़ीकरण

सीमाएं तेजी से भौतिक चौकियों से डिजिटल प्री-स्क्रीनिंग संरचनाओं में स्थानांतरित हो रही हैं। ग्लोबल नॉर्थ के समृद्ध लोकतंत्रों ने यूके के इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन (ETA), यूरोपीय संघ के एंट्री/एग्जिट सिस्टम (EES) और आगामी ETIAS, तथा संयुक्त राज्य अमेरिका के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम फॉर ट्रैवल ऑथराइजेशन (ESTA) जैसी प्रणालियों को अपनाया है। हालांकि ये उपकरण खुली यात्रा का आभास देते हैं, लेकिन ये महत्वपूर्ण प्रक्रियात्मक जटिलता जोड़ते हैं और राज्यों को अपनी सीमाओं में प्रवेश करने वालों पर सख्त डिजिटल निगरानी रखने की अनुमति देते हैं।

2. असममित पारस्परिकता (Asymmetric Reciprocity) की निरंतरता

द्विपक्षीय यात्रा समझौते शायद ही कभी समान शर्तों पर काम करते हैं। 2026 का सूचकांक दर्शाता है कि सभी द्विपक्षीय यात्रा युग्मों (travel pairs) में से 61.5% असममित हैं। समृद्ध, political रूप से संरेखित पश्चिमी देशों के नागरिकों को उभरते बाजारों में व्यवस्थित रूप से एकतरफा वीज़ा-मुक्त प्रवेश मिलता है, जबकि ग्लोबल साउथ के यात्रियों को उन्हीं पश्चिमी देशों की यात्रा करने के लिए अत्यधिक प्रतिबंधात्मक, महंगी और दस्तावेज़-गहन वीज़ा आवेदन प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है।

यह आपकी परीक्षा की तैयारी के लिए क्यों महत्वपूर्ण है

ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स 2026 सिविल सेवा और अन्य प्रतिस्पर्धी राज्य परीक्षाओं के लिए एक आवश्यक करंट अफेयर्स विषय है, जो कई सामान्य अध्ययन (GS) पाठ्यक्रम क्षेत्रों में समृद्ध केस स्टडीज और डेटा बिंदु प्रदान करता है:

GS पेपर II (राजव्यवस्था और शासन): पासपोर्ट बनाम नागरिकता

भारत में एक प्रमुख प्रशासनिक बहस इस बात पर केंद्रित है कि क्या पासपोर्ट नागरिकता का निर्णायक प्रमाण है।

कानूनी स्थिति: संसद में एक स्पष्टीकरण में, गृह मंत्रालय (MHA) ने कहा कि आधार, मतदाता पहचान पत्र (Voter ID), पैन (PAN) कार्ड और पासपोर्ट जैसे पहचान दस्तावेजों को कानूनी रूप से भारतीय नागरिकता के निर्णायक प्रमाण के रूप में नामित नहीं किया गया है। इसके बजाय, नागरिकता विशेष रूप से नागरिकता अधिनियम, 1955 द्वारा शासित होती है।

साक्ष्य मूल्य बनाम स्थिति का निर्माण: हालांकि एक पासपोर्ट में मजबूत साक्ष्य मूल्य (evidentiary value) होता है — क्योंकि यह आमतौर पर केवल भारतीय कोशिकाओं को ही जारी किया जाता है — यह नागरिकता का निर्माण नहीं करता है। सर्वोच्च न्यायालय ने स्टेट ऑफ आंध्र प्रदेश बनाम अब्दुल खादर (1962) मामले में फैसला सुनाया कि पासपोर्ट प्रासंगिक साक्ष्य है लेकिन अदालतों को नागरिकता निर्धारित करने के लिए अधिवास (domicile), जन्म और प्रवासन इतिहास जैसे संवैधानिक मानदंडों की जांच करनी चाहिए।

वैधानिक ढांचा: पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 20 केंद्र सरकार को जनहित के तहत कुछ गैर-नागरिकों को पासपोर्ट जारी करने की अनुमति देती है, जिससे साबित होता है कि पासपोर्ट मूल रूप से एक यात्रा दस्तावेज है न कि नागरिकता का एक विशेष प्रमाण पत्र।

प्रशासनिक संदर्भ: 1 जुलाई, 2026 से प्रभावी, विदेश मंत्रालय ने एक संशोधित पासपोर्ट शुल्क संरचना लागू की है, जिसमें मानक 36-पृष्ठ के पासपोर्ट की फीस बढ़ाकर ₹2,500 और तत्काल पासपोर्ट की फीस ₹5,000 कर दी गई है। यह GS पेपर II के तहत प्रशासनिक अपडेट के लिए एक उत्कृष्ट तथ्यात्मक विवरण है।

GS पेपर II (अंतर्राष्ट्रीय संबंध): गतिशीलता की कूटनीति (The Diplomacy of Mobility)

उत्तर-दक्षिण भू-राजनीतिक विभाजन: स्वीडन और अफगानिस्तान के बीच बढ़ता स्कोर का अंतर वैश्विक शासन में ढांचागत असमानता का स्पष्ट प्रतिनिधित्व है। उम्मीदवार अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं और वैश्विक गतिशीलता अधिकारों के नव-औपनिवेशिक आयामों के संबंध में विश्लेषणात्मक तर्क लिखने के लिए इन निष्कर्षों का उपयोग कर सकते हैं।

भारतीय प्रवासी और विदेश नीति: भारत की कम गतिशीलता रैंक (136वीं) इसके अत्यधिक कुशल पेशेवरों के लिए बाधाएं पैदा करती है। द्विपक्षीय समझौतों के माध्यम से यात्रा मार्गों को सरल बनाना भारत की सक्रिय अंतरिक्ष और आर्थिक कूटनीति का एक प्रमुख घटक है। यह गतिशीलता सीधे तौर पर प्रवासियों के लिए यात्रा को आसान बनाने के लिए ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड के डिजिटल एकीकरण जैसी पहलों से संबंधित है।

GS पेपर III (आर्थिक विकास और जीवन स्तर)

स्तंभ प्रदर्शन सहसंबंध (Pillar Performance Correlation): निवेश सूचकांक (94वें) और जीवन स्तर सूचकांक (118वें) में भारत की बढ़त स्वास्थ्य सेवा, सुरक्षा और व्यापार करने में आसानी में घरेलू योजनाओं की सफलता को दर्शाती है। हालांकि, कम गतिशीलता रैंक एक ढांचागत बाधा के रूप में कार्य करती है, जो घरेलू आर्थिक विकास को वैश्विक पासपोर्ट शक्ति में पूरी तरह से बदलने की भारत की क्षमता को सीमित करती है।

जीएस मुख्य परीक्षा के उत्तरों में सूचकांकों को एकीकृत करने की संरचित रणनीतियों के लिए, अथर्व एक्जामवाइज प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध व्यापक संसाधनों जैसे कि यूपीएससी करंट अफेयर्स विश्लेषण लाइव लेक्चर्स को देख सकते हैं। विभिन्न पाठ्यक्रम विषयों पर अधिक संदर्भ के लिए, अभ्यर्थी त्रिपुरा के लेबांग बूमानी नृत्य (Lebang Boomani Dance) और झूम खेती से इसके संबंध पर हाल के अपडेट का भी संदर्भ ले सकते हैं।