UPSC Current Affairs 17 February 2026: PM RAHAT योजना – सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस इलाज
भारत सरकार ने PM RAHAT (Road Accident Victim Hospitalisation and Assured Treatment) योजना को मंज़ूरी दी है, जिसका उद्देश्य सड़क दुर्घटना पीड़ितों को तुरंत, कैशलेस और गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराना है। यह निर्णय प्रधानमंत्री के ‘Seva Teerth’ शिफ्ट होने के बाद लिए गए शुरुआती फैसलों में से एक है, जो सड़क सुरक्षा और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
तारीख संदर्भ (एक्ज़ाम के लिए): योजना की औपचारिक घोषणा 2025 के अंत में हुई और 2026 की शुरुआत में इसे क्रियान्वयन रूप दिया गया है, इसलिए यह 2026 के सभी परीक्षाओं के लिए हाई-इम्पैक्ट करंट अफेयर्स टॉपिक बन गया है।
PM RAHAT योजना का परिचय (परिभाषा और उद्देश्य)
PM RAHAT का पूरा नाम: Road Accident Victim Hospitalisation and Assured Treatment – हिंदी में “रोड एक्सिडेंट विक्टिम हॉस्पिटलाइजेशन एंड एश्योर्ड ट्रीटमेंट” योजना।
यह एक राष्ट्रीय स्तर की स्कीम है जो किसी भी प्रकार की सड़क (राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग, शहर की सड़क आदि) पर घटित सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को कैशलेस इलाज उपलब्ध कराती है।
सरकार का प्रमुख उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि “Golden Hour” यानी दुर्घटना के बाद का पहला घंटा आर्थिक कारणों से बर्बाद न हो और किसी की जान केवल पैसे की कमी के कारण न जाए। अध्ययनों के अनुसार सड़क दुर्घटना से होने वाली लगभग 50% मौतों को यदि पीड़ित को पहले घंटे के भीतर अस्पताल में भर्ती करा दिया जाए तो रोका जा सकता है।
योजना के मुख्य फीचर्स (Key Features for Prelims)
नीचे दिए गए बिंदु सीधे-सीधे UPSC Prelims और अन्य MCQs में पूछे जा सकते हैं:
कवरेज लिमिट:
प्रति पीड़ित अधिकतम ₹1.5 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा।
यह सुविधा दुर्घटना की तारीख से 7 दिनों तक उपलब्ध रहेगी।
इलाज की अवधि (Non-life vs Life-threatening):
गैर-जानलेवा (non-life-threatening) केस:
24 घंटे तक स्टैबिलाइज़ेशन और आवश्यक इलाज की सुविधा।
जानलेवा (life-threatening) केस:
48 घंटे तक विस्तारित इलाज की सुविधा, पुलिस ऑथेंटिकेशन के अधीन।
किस-किस सड़क पर लागू?
राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग, जिला सड़कें, शहरी सड़कें – यानी “any category of road” पर होने वाली दुर्घटनाओं के पीड़ित इस योजना के दायरे में हैं।
कैशलेस नेचर:
पीड़ित या उसके परिवार को अस्पताल में एडवांस जमा कराने की आवश्यकता नहीं; सारा भुगतान बाद में फंड/बीमा/सरकार द्वारा निपटाया जाएगा।
यह डेटा सीधे फैक्चुअल/स्टैटिक GK के रूप में पूछा जा सकता है, जैसे: “PM RAHAT योजना के तहत अधिकतम कितनी राशि का कैशलेस इलाज दिया जाता है?”
इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम और 112 हेल्पलाइन से लिंक
PM RAHAT योजना को Emergency Response Support System (ERSS) – 112 के साथ इंटीग्रेट किया गया है।
सड़क दुर्घटना के समय:
पीड़ित, राहगीर या Good Samaritan / Rah-Veer 112 नंबर पर कॉल कर सकते हैं।
112 पर कॉल करने से नज़दीकी नामित (designated) अस्पताल की जानकारी और एम्बुलेंस सहायता प्राप्त की जा सकती है।
पुलिस, एम्बुलेंस और अस्पतालों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया गया है ताकि गोल्डन ऑवर में ही उपचार शुरू हो सके।
Prelims के लिए याद रखने योग्य पॉइंट:
PM RAHAT योजना का सीधा लिंक ERSS–112 हेल्पलाइन से है, जो दुर्घटना रिपोर्टिंग, एम्बुलेंस डिस्पैच और अस्पताल रेफरल को डिजिटल रूप से जोड़ती है।
कवरेज और लाभ (Coverage & Benefits)
1. किसे लाभ मिलेगा?
सभी योग्य सड़क दुर्घटना पीड़ितों को, चाहे वे किसी भी राज्य के निवासी हों और दुर्घटना भारत में किसी भी सड़क पर क्यों न हुई हो।
योजना का फोकस “victim-centric” है, यानी दुर्घटना में दोषी कौन है, यह सवाल बाद में तय होगा; पहले इलाज सुनिश्चित किया जाएगा।
2. इलाज की सीमा और अवधि
अधिकतम ₹1.5 लाख तक कैशलेस इलाज, जिसमें दवाई, डायग्नॉस्टिक टेस्ट, सर्जरी और ICU जैसी ज़रूरी सेवाएँ शामिल हो सकती हैं (आयुष्मान-एम्पैनल्ड एवं अन्य अधिकृत अस्पतालों में)।
7 दिनों की अवधि के भीतर आवश्यक उपचार को इस सीमा तक कवर किया जाएगा; 24/48 घंटे की स्टैबिलाइज़ेशन विंडो विशेष रूप से हाई-रिस्क केस के लिए महत्वपूर्ण है।
3. आर्थिक सुरक्षा और सामाजिक प्रभाव
यह योजना अचानक आने वाले out-of-pocket expenditure और “catastrophic health expenditure” को कम करने में मदद करेगी, जो अक्सर निम्न और मध्यम वर्गीय परिवारों को कर्ज़ के जाल में धकेल देता है।
सरकार का मानना है कि assured cashless support से परिवारों की वित्तीय resilience बढ़ेगी और सड़क दुर्घटना का आर्थिक झटका कुछ हद तक कम होगा।
फंडिंग और क्लेम सेटलमेंट मैकेनिज़्म
PM RAHAT योजना की सबसे बड़ी ताकत इसका फंडिंग और क्लेम सेटलमेंट फ्रेमवर्क है, जो अस्पतालों को समय पर भुगतान की गारंटी देता है।
1. भुगतान कौन करेगा?
Motor Vehicle Accident Fund (MVAF):
अस्पतालों को भुगतान मूल रूप से इस फंड के माध्यम से किया जाएगा।
यदि वाहन बीमित (insured) है:
भुगतान के लिए सामान्य बीमा कंपनियों के योगदान का उपयोग किया जाएगा।
Uninsured / Hit & Run केस:
इन मामलों में भुगतान भारत सरकार की बजटीय आवंटन (budgetary allocation) से किया जाएगा।
2. क्लेम सेटलमेंट टाइमलाइन
क्लेम का अनुमोदन State Health Agency (SHA) द्वारा किया जाएगा।
स्वीकृत क्लेम को अस्पताल को 10 दिनों के भीतर भुगतान कर दिया जाना है, जिससे अस्पतालों को वित्तीय निश्चितता (financial certainty) मिलती है।
3. शिकायत निवारण तंत्र (Grievance Redressal)
प्रत्येक ज़िले में Grievance Redressal Officer नामित होगा, जिसे District Road Safety Committee नामित करती है।
District Road Safety Committee की अध्यक्षता ज़िला कलेक्टर / ज़िला मजिस्ट्रेट / डिप्टी कमिश्नर करते हैं, जो जिला स्तर पर जवाबदेही और मॉनिटरिंग सुनिश्चित करते हैं।
टेक्नोलॉजी-ड्रिवन इम्प्लीमेंटेशन: eDAR और TMS 2.0
PM RAHAT केवल एक वित्तीय स्कीम नहीं, बल्कि एक technology-enabled governance model भी है।
योजना के लिए दो प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म को इंटीग्रेट किया गया है:
eDAR (Electronic Detailed Accident Report) – Ministry of Road Transport & Highways का प्लेटफॉर्म, जो दुर्घटना की रिपोर्टिंग और पुलिस डेटा को डिजिटाइज़ करता है।
TMS 2.0 (Transaction Management System) – National Health Authority (NHA) का प्लेटफॉर्म, जो स्वास्थ्य-संबंधी क्लेम प्रोसेसिंग और पेमेंट मैनेजमेंट संभालता है।
पुलिस ऑथेंटिकेशन की समय-सीमा:
Non-life-threatening केस: 24 घंटे के भीतर पुलिस द्वारा डिजिटल सत्यापन।
Life-threatening केस: 48 घंटे के भीतर ऑथेंटिकेशन।
इस डिजिटल इंटीग्रेशन से accident reporting → hospital admission → treatment → claim processing → payment पूरा चेन ऑनलाइन और ट्रेसएबल हो जाता है, जो परीक्षा में e‑governance, DBT, digital public infrastructure जैसे टॉपिक से भी जोड़ा जा सकता है।
PM RAHAT योजना: मुख्य तथ्य एक नज़र में (Quick Revision Box)
योजना का नाम: PM RAHAT – Road Accident Victim Hospitalisation and Assured Treatment।
उद्देश्य: सड़क दुर्घटना पीड़ितों को तुरंत और कैशलेस इलाज उपलब्ध कराना, खासकर Golden Hour में।
अधिकतम कवरेज: ₹1.5 लाख प्रति पीड़ित।
कवरेज अवधि: दुर्घटना की तारीख से 7 दिन।
इलाज की अवधि:
Non-life-threatening केस – 24 घंटे तक स्टैबिलाइज़ेशन।
Life-threatening केस – 48 घंटे तक स्टैबिलाइज़ेशन/इलाज।
हेल्पलाइन: ERSS – 112, Good Samaritan / Rah-Veer भी कॉल कर सकते हैं।
फंडिंग: Motor Vehicle Accident Fund, बीमित वाहन के लिए insurance कंपनियाँ, hit and run/uninsured केस के लिए केंद्र सरकार का बजट।
क्लेम सेटलमेंट: State Health Agency द्वारा अनुमोदन के बाद 10 दिनों के भीतर भुगतान।
टेक प्लेटफॉर्म: eDAR + TMS 2.0 का इंटीग्रेशन।
संभावित परीक्षा प्रश्न (Prelims + Mains एंगल)
Prelims/Objective प्रकार के सवाल
PM RAHAT योजना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए (स्टेटमेंट-टाइप MCQs):
(1) यह योजना केवल राष्ट्रीय राजमार्गों पर होने वाली दुर्घटनाओं पर लागू होती है।
(2) योजना के तहत अधिकतम ₹1.5 लाख तक कैशलेस इलाज दिया जाता है।
(3) योजना ERSS–112 से इंटीग्रेटेड है।
(4) क्लेम सेटलमेंट 30 दिनों के भीतर किया जाना अनिवार्य है।
One-liner MCQs:
PM RAHAT योजना में “RAHAT” का संबंध किससे है? – Road Accident Victim Hospitalisation and Assured Treatment।
योजना के तहत हेल्पलाइन नंबर कौन सा है? – 112 (ERSS)।
अस्पतालों को भुगतान किस फंड से किया जाता है? – Motor Vehicle Accident Fund।
Mains/Descriptive एंगल
GS Paper 2 (Governance, Social Justice, Health):
“Discuss how PM RAHAT scheme strengthens the emergency healthcare ecosystem and road safety framework in India.”
“Critically examine the role of technology (eDAR, TMS 2.0, ERSS‑112) in improving outcomes for road accident victims in India.”
GS Paper 3 (Infrastructure, Road Safety):
“Nearly half of road accident deaths are preventable with timely intervention. In this context, evaluate the significance of PM RAHAT scheme.”
External References (विश्वसनीय स्रोत)
PIB Press Release – “Cashless Treatment of Road Accident Victims” – PM RAHAT योजना की आधिकारिक घोषणा और विस्तृत फीचर्स।
NDTV Hindi explainer on PM RAHAT Scheme – योजना के प्रमुख लाभ और 1.5 लाख तक कैशलेस इलाज पर आधारित लेख।
Explainer articles on coverage and cashless mechanism – Upstox और ऑटो/पर्सनल फाइनेंस पोर्टल्स द्वारा योजना का सरल विश्लेषण।
(एग्ज़ाम प्रिपरेशन के लिए हमेशा PIB और संबंधित मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट को प्राइमरी सोर्स मानें; न्यूज़ पोर्टल्स को सप्लीमेंटरी सोर्स की तरह उपयोग करें।)
Why this matters for your exam preparation
PM RAHAT योजना नया और हाई-प्रोबेबिलिटी टॉपिक है, जो आने वाले वर्षों में UPSC Prelims, Mains, Essay और Interview – चारों स्तरों पर पूछे जाने की पूरी संभावना रखता है। यह एक साथ governance, social justice, health, road safety, financial protection और digital governance जैसे कई Syllabus टॉपिक्स को कवर करता है, इसलिए इसे केवल “एक सरकारी स्कीम” की तरह नहीं, बल्कि कम्प्रिहेन्सिव केस स्टडी के रूप में तैयार करना चाहिए।
आपको तैयारी के लिए निम्नलिखित करना चाहिए:
PM RAHAT के फैक्चुअल पॉइंट्स (कवरेज अमाउंट, 7 दिन, 24/48 घंटे, ERSS‑112, MVAF, eDAR, TMS 2.0, क्लेम 10 दिन में) को शॉर्ट नोट्स और फ्लैशकार्ड के रूप में तैयार करें।
Road Safety, Good Samaritan Policy, Health Financing और Digital Public Infrastructure पर तैयार किए गए Mains answers में PM RAHAT को अप-टू-डेट एग्ज़ाम्पल के तौर पर ज़रूर जोड़ें।
Ethics/Essay के लिए “Compassionate Governance”, “Citizen-first Approach”, “Seva Teerth से जुड़े फैसले” जैसे कंटेक्स्ट में इस स्कीम को एक मॉडल इनिशिएटिव की तरह समझें और उपयोग करें।
यदि आप इन आयामों को नोट्स में व्यवस्थित कर लेते हैं, तो PM RAHAT आपके लिए केवल एक योजना नहीं, बल्कि multi‑dimensional answer‑enriching tool बन सकती है – जो आपको अन्य अभ्यर्थियों से स्पष्ट बढ़त देगी।