भारत-विस्तार (Bharat-VISTAAR) AI टूल लॉन्च: UPSC Current Affairs 16 February 2026
परिचय: आज की महत्वपूर्ण करेंट अफेयर्स खबर केंद्र सरकार ने किसानों के लिए एक नया बहुभाषी AI-संचालित प्लेटफ़ॉर्म भारत-विस्तार (Bharat-VISTAAR – Virtually Integrated System to Access Agricultural Resources) लॉन्च किया है, जो 24×7 "डिजिटल कृषि विशेषज्ञ" के रूप में काम करेगा। यह पहल केंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित की गई थी और इसका उद्देश्य एग्रीस्टैक (AgriStack) पोर्टलों व ICAR के कृषि पद्धति पैकेज को AI सिस्टम से जोड़कर किसानों को स्थान-विशिष्ट, डेटा-आधारित सलाह देना है।
अधिक करेंट अफेयर्स नोट्स के लिए पढ़ें: UPSC Current Affairs Daily Notes
Bharat-VISTAAR क्या है? (अवधारणा, पूर्ण रूप, उद्देश्य)
पूर्ण रूप (Full Form): भारत-विस्तार (Bharat-VISTAAR) = Virtually Integrated System to Access Agricultural Resources – यानी कृषि संसाधनों तक वर्चुअली इंटीग्रेटेड एक्सेस देने वाली प्रणाली।
यह एक बहुभाषी AI-संचालित डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (multilingual AI-powered digital public infrastructure) है, जो विभिन्न कृषि डेटाबेस और शोध को जोड़कर किसान को कस्टमाइज़्ड (व्यक्तिगत) सलाह देता है।
भारत-विस्तार के मुख्य उद्देश्य हैं:
कृषि उत्पादकता बढ़ाना।
किसानों के निर्णय-निर्माण (decision-making) को सशक्त बनाना।
और जोखिम कम करना, जैसे मौसम, कीट-रोग व बाजार की अनिश्चितता।
लॉन्च, स्थान और प्रमुख हस्तियाँ
भारत-विस्तार (Bharat-VISTAAR) का सह-औपचारिक शुभारंभ जयपुर में होने की सूचना है, जहाँ केंद्रीय कृषि मंत्री और राज्य नेतृत्व की उपस्थिति बताई गई है (यह विवरण प्रेस व रिपोर्ट्स में प्री-लॉन्च कवरेज के रूप में सामने आया है)।
यह लॉन्च केंद्रीय बजट 2026-27 में की गई बजटीय घोषणा के फ़ॉलो-अप के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें इसे उभरती तकनीकों और AI-आधारित सार्वजनिक सेवाओं के बड़े विज़न से जोड़ा गया है।
मुख्य विशेषताएँ: किसानों के लिए “24×7 डिजिटल कृषि विशेषज्ञ”
1. 24×7 AI-संचालित सलाह
Bharat-VISTAAR एक "डिजिटल कृषि विशेषज्ञ" की तरह 24 घंटे उपलब्ध रहेगा और संवादात्मक AI सहायक (चैटबॉट/वॉयसबॉट) के माध्यम से किसानों से बातचीत करेगा।
प्लेटफ़ॉर्म मोबाइल-आधारित इंटरफेस और साधारण फ़ोन कॉल दोनों के ज़रिये एक्सेस किया जा सकेगा, ताकि स्मार्टफोन न होने पर भी किसान इसका लाभ उठा सकें।
2. हेल्पलाइन नंबर और AI सहायक “भारती”
किसानों के लिए एक समर्पित टोल-फ्री नंबर 155261 उपलब्ध कराया गया है, जिस पर कॉल करके वे AI-सहायक से जानकारी ले सकेंगे।
बातचीत करने वाले AI सहायक का नाम "भारती" है, जो किसानों से उनकी ही भाषा में प्रश्न-उत्तर के रूप में संवाद करेगा।
3. बहुभाषी (Multilingual) सपोर्ट
शुरुआती संस्करण में Bharat-VISTAAR को हिंदी और अंग्रेज़ी में लॉन्च किया जा रहा है, और आगे चलकर इसे अन्य भारतीय क्षेत्रीय भाषाओं तक विस्तारित किया जाएगा।
यह पहल राष्ट्रीय भाषा-तकनीक प्लेटफ़ॉर्म BHASHINI और अन्य भाषा-AI प्रयासों के साथ समन्वय में विकसित हो रही है, ताकि स्पीच-टू-टेक्स्ट, अनुवाद और स्थानीय भाषाई समर्थन मजबूत हो सके।
Bharat-VISTAAR से किसानों को कौन-कौन सी जानकारी मिलेगी?
नीचे दी गई सूचनाएँ मुख्य रूप से किसानों को एक “वन-स्टॉप (one-stop)” समाधान के रूप में दी जाएँगी:
फसल योजना (Crop Planning): क्षेत्र, मौसम, मिट्टी और बाजार की स्थिति के आधार पर कौन-सी फसल बोना उपयुक्त होगी, इस पर सलाह।
कृषि पद्धतियाँ व पैकेज ऑफ प्रैक्टिसेज: ICAR द्वारा मान्य उन्नत कृषि पद्धतियाँ, बीज, सिंचाई, खाद, बुआई-कटाई के समय आदि पर मार्गदर्शन।
कीट-रोग प्रबंधन (Pest & Disease Management): संभावित कीट-प्रकोप, रोग की पहचान और नियंत्रण के वैज्ञानिक तरीके, रासायनिक व गैर-रासायनिक एकीकृत कीट प्रबंधन (integrated pest management) सुझाव।
मौसम पूर्वानुमान (Weather Forecasts): हाइपर-लोकल (अति-स्थानीय) मौसम डेटा व अलर्ट; वर्षा, तापमान, पाला, सूखा आदि से जुड़े जोखिमों पर अग्रिम चेतावनी (advance warning)।
बाजार व कीमत सम्बंधित जानकारी: मंडियों में दाम, मांग-आपूर्ति (demand-supply) ट्रेंड, संभावित कीमत जोखिम और मार्केटिंग विकल्पों पर इनपुट।
केंद्र सरकार की कृषि योजनाओं की जानकारी: योजना का उद्देश्य, पात्रता, लाभ, आवेदन प्रक्रिया और शिकायत निवारण (grievance redressal) पर चरणबद्ध (stepwise) मार्गदर्शन।
अधिक schemes-based नोट्स के लिए देखें: कृषि से जुड़ी महत्वपूर्ण सरकारी योजनाएँ – UPSC Notes
तकनीकी ढाँचा: AgriStack, ICAR, IndiaAI Mission और BHASHINI
1. AgriStack + ICAR इंटीग्रेशन
Bharat-VISTAAR की मूल वास्तुकला (core architecture) AgriStack (डिजिटल किसान रिकॉर्ड, भूमि रिकॉर्ड, इनपुट-उपयोग डेटा आदि) और ICAR के "package of practices" को AI सिस्टम से इंटीग्रेट करने पर आधारित है।
इससे प्लेटफ़ॉर्म किसान-विशिष्ट, फील्ड-स्तर के डेटा (मिट्टी, मौसम, फसल-इतिहास) के आधार पर आवश्यकता-आधारित, स्थान-विशिष्ट सलाह (Need-based, location-specific advisory) दे सकेगा – यानी सभी के लिए सामान्य सलाह नहीं, बल्कि व्यक्तिगत खेत पर आधारित सटीक मार्गदर्शन।
2. राष्ट्रीय AI इकोसिस्टम: IndiaAI Mission व BHASHINI
Bharat-VISTAAR को भारत के राष्ट्रीय AI इकोसिस्टम – जैसे IndiaAI Mission, BHASHINI व अन्य AI उत्कृष्टता केंद्रों – के सहयोग से विकसित किया जा रहा है, ताकि स्केलेबल और भरोसेमंद AI मॉडल तैयार हो सकें।
यह प्लेटफ़ॉर्म एक ओपन, फेडेरेटेड डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (Open, federated digital public infrastructure) के रूप में डिज़ाइन किया गया है, जहाँ निजी एग्रीटेक स्टार्टअप, NGOs और टेक कंपनियां भी API के ज़रिये मूल्य वर्धित सेवाएं (value-added services) तैयार कर सकेंगी।
बजटीय प्रावधान: केंद्रीय बजट 2026-27 में Bharat-VISTAAR
केंद्रीय बजट 2026-27 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने Bharat-VISTAAR की घोषणा करते हुए इसे उभरती तकनीकों व AI-संचालित सार्वजनिक सेवाओं के तहत एक प्रमुख पहल बताया।
बजट 2026 में Bharat-VISTAAR के संचालन और कार्यान्वयन के लिए ₹150 करोड़ की प्रारंभिक राशि आवंटित की गई है, ताकि प्लेटफ़ॉर्म को राष्ट्रीय स्तर (national scale) पर संचालित किया जा सके।
पीआईबी और बजट डॉक्युमेंट संदर्भ:
PIB Budget Summary – Bharat-VISTAAR पैराग्राफ।
Budget Speech 2026-27 PDF – Bharat-VISTAAR पर पैराग्राफ।
किस मंत्रालय/एजेंसी की प्रमुख भूमिका रहेगी?
नीति-स्तर पर Bharat-VISTAAR का नेतृत्व वित्त मंत्रालय (घोषणा व बजट), कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और डिजिटल टेक्नोलॉजी से जुड़े नोडल एजेंसियों द्वारा मिलकर किया जा रहा है।
तकनीकी क्रियान्वयन में AgriStack प्लेटफ़ॉर्म, ICAR, इंडिया AI मिशन, BHASHINI और विभिन्न AI-स्टार्टअप/टेक कंपनियाँ मिलकर योगदान देंगी – जैसे डेटा इंटीग्रेशन, मॉडल डेवलपमेंट, स्थानीय भाषा इंटरफेस आदि।
किन 10 प्रमुख कृषि योजनाओं की जानकारी मिलेगी?
Bharat-VISTAAR के माध्यम से किसानों को सीधे कॉल या डिजिटल इंटरफ़ेस के ज़रिये केंद्र सरकार की कम से कम 10 प्रमुख योजनाओं पर मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा (योजना-वार डिटेल आधिकारिक कार्यान्वयन डॉक्युमेंट्स से समय-समय पर अपडेट हो सकती है):
PM-KISAN – आय समर्थन योजना (₹6,000/वर्ष तीन किस्तों में) – लाभार्थियों, पंजीकरण स्थिति व शिकायत (grievance) से जुड़ी पूछताछ पर मदद।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) – फसल बीमा कवरेज, प्रीमियम, दावा प्रक्रिया (claim process), कट-ऑफ तिथियों आदि पर जानकारी।
मृदा स्वास्थ्य कार्ड (Soil Health Card – SHC) – मिट्टी परीक्षण, पोषक तत्वों की स्थिति (nutrient status), अनुशंसित उर्वरक खुराक आदि पर समझ।
संशोधित ब्याज सब्सिडी योजना – कृषि ऋणों पर ब्याज सब्सिडी, पात्रता (eligibility) और बैंक-वार प्रक्रियाएँ।
कृषि यंत्रीकरण उप-मिशन – कृषि मशीनीकरण (farm mechanisation) के लिए सब्सिडी, कस्टम हायरिंग सेंटर, उपकरण चयन पर मार्गदर्शन।
Per Drop More Crop / PMKSY – सूक्ष्म सिंचाई (ड्रिप, स्प्रिंकलर) से जुड़ी सब्सिडी व जल-उपयोग दक्षता से संबंधित सलाह।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) – "हर खेत को पानी" संबंधी घटकों पर ब्रीफिंग।
प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA / Price Support Schemes) – MSP, मूल्य कमी भुगतान (price deficiency payments), खरीद तंत्र (procurement mechanisms) पर उच्च-स्तरीय जानकारी।
कृषि अवसंरचना कोष (Agriculture Infrastructure Fund) – वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज, प्रसंस्करण इकाइयों आदि के लिए क्रेडिट सपोर्ट व ब्याज छूट (interest subvention) विवरण।
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) – वर्किंग कैपिटल क्रेडिट, ब्याज दर, बीमा लिंकेज व नवीनीकरण प्रक्रियाएँ।
ऊपर दिए गए बिंदु परीक्षा-उन्मुख (exam-oriented) सूची के रूप में अत्यंत उपयोगी हैं; इन्हें आप अपनी "Government Schemes – Agriculture" नोटबुक में अवश्य जोड़ें।
Bharat-VISTAAR का अपेक्षित प्रभाव (Expected Impact): लाभ और चुनौतियाँ
संभावित लाभ
सटीक और स्मार्ट कृषि (Precision & Smart Agriculture): मिट्टी, मौसम, फसल-स्टेज और इनपुट डेटा के आधार पर रीयल-टाइम सलाह से इनपुट-उपयोग दक्षता, उत्पादकता और संसाधन संरक्षण (पानी, उर्वरक) बेहतर होने की अपेक्षा है।
जोखिम में कमी (Risk Reduction): कीट/रोग अलर्ट, मौसम की चेतावनी और बाजार के संकेतों की समय पर जानकारी से उपज-हानि (yield-loss) और मूल्य-जोखिम (price-risk) दोनों कम हो सकते हैं।
सूचित नीति-निर्माण (Informed Policy-making): यह प्लेटफ़ॉर्म इंटरैक्टिव है; किसानों के प्रश्न और फीडबैक डेटा वापस सरकारी सिस्टम तक जाएगा, जिससे साक्ष्य-आधारित (evidence-based) नीति निर्धारण और अनुसंधान प्राथमिकताओं को तय करने में मदद मिलेगी।
प्रमुख चुनौतियाँ
डिजिटल डिवाइड (Digital Divide): कई रिपोर्ट्स के अनुसार अभी भी केवल सीमित प्रतिशत किसान ही डिजिटल उपकरणों के साथ सहज हैं; कनेक्टिविटी और डिजिटल साक्षरता दोनों बाधा (bottleneck) बन सकते हैं।
डेटा की गुणवत्ता और गोपनीयता: AgriStack में दर्ज डेटा की सटीकता, अद्यतनीकरण और डेटा-गोपनीयता फ्रेमवर्क पर प्रश्न उठ सकते हैं, खासकर जब AI-आधारित प्रोफाइलिंग और सिफारिशें बड़े पैमाने पर हों।
अंतिम-छोर तक विस्तार (Last-mile extension): केवल ऐप/AI सलाह पर्याप्त नहीं है; जमीनी स्तर के विस्तार कार्यकर्ताओं और प्रशिक्षण की मज़बूत व्यवस्था के बिना इसे अपनाना सीमित रह सकता है – इसे उद्योग विशेषज्ञों ने भी रेखांकित (flag) किया है।
Prelims के लिए संभावित Facts/MCQs
UPSC Prelims के संदर्भ में Bharat-VISTAAR से जुड़े कुछ उच्च-संभावना वाले बिंदु (high-probability points):
Bharat-VISTAAR किस क्षेत्र से संबंधित है? → कृषि (किसानों के लिए AI-आधारित डिजिटल सलाह)।
Bharat-VISTAAR किस मंत्रालय/पहल के अंतर्गत वैचारिक रूप से आता है? → केंद्रीय बजट 2026-27 में वित्त मंत्री द्वारा घोषित, कार्यान्वयन में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय + डिजिटल/AI-मिशन।
Bharat-VISTAAR का full form क्या है? → Virtually Integrated System to Access Agricultural Resources.
Bharat-VISTAAR का मुख्य उद्देश्य क्या है? → AgriStack व ICAR पैकेज को AI सिस्टम से इंटीग्रेट कर उत्पादकता बढ़ाना, निर्णय-निर्माण सुधारना और जोखिम कम करना।
FY 2026-27 में Bharat-VISTAAR के लिए बजटीय आवंटन लगभग कितना रखा गया है? → ₹150 करोड़।
यह प्लेटफ़ॉर्म किस प्रकार की डिजिटल संरचना (DPI) के रूप में डिज़ाइन हुआ है? → बहुभाषी, ओपन, फेडेरेटेड डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर।
Mains के लिए दृष्टिकोण: उत्तर में कैसे इस्तेमाल करें?
GS-III (कृषि, विज्ञान और प्रौद्योगिकी) या GS-II (गवर्नेंस, ई-गवर्नेंस) के उत्तर में आप Bharat-VISTAAR को कई थीम से जोड़ सकते हैं:
"किसानों की सहायता में ई-तकनीक (e-technology in the aid of farmers)" – सवाल अगर डिजिटल कृषि, AgriStack, किसान कॉल सेंटर या कृषि में AI पर हो, तो Bharat-VISTAAR को केस-स्टडी की तरह उद्धृत (quote) किया जा सकता है।
डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) – UPI, ONDC, ABHA की तरह Bharat-VISTAAR को कृषि-केंद्रित DPI के रूप में दिखाकर "समावेशी और तकनीक-सक्षम विकास (inclusive & tech-enabled growth)" पर तर्क मजबूत कर सकते हैं।
जलवायु-लचीली कृषि (Climate-resilient agriculture) – मौसम से जुड़ी सलाह, कीट प्रारंभिक चेतावनी और इनपुट अनुकूलन को जलवायु परिवर्तन अनुकूलन और जोखिम-न्यूनतम रणनीतियों के उदाहरण के रूप में लिख सकते हैं।
चुनौतियाँ पैराग्राफ (Challenges paragraph) – डिजिटल डिवाइड, डेटा-गवर्नेंस, AI-एथिक्स, क्षेत्रीय भाषा की बाधाओं व क्षमता निर्माण की बातें जोड़कर एक संतुलित, आलोचनात्मक उत्तर तैयार किया जा सकता है।
डिजिटल इंडिया व ई-गवर्नेंस पर विस्तृत नोट्स के लिए देखें: Digital India और e-Governance – GS-II Notes
यह आपकी परीक्षा की तैयारी के लिए क्यों मायने रखता है (Why this matters for your exam preparation)
उच्च-संभावना वाला करेंट अफेयर्स विषय: Bharat-VISTAAR में AI, कृषि, सरकारी योजनाएँ, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और केंद्रीय बजट – पाँचों हाई-वेटेज (high-weightage) थीम एक साथ आते हैं, इसलिए यह Prelims MCQs और Mains दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बनता है।
एकीकृत रिवीजन एंकर: आप इस टॉपिक के बहाने PM-KISAN, PMFBY, KCC, AgriStack, IndiaAI Mission, BHASHINI, Digital India जैसी कई योजनाओं व पहलों को एक "क्लस्टर" के रूप में दोहरा (revise) सकते हैं, जो स्मार्ट रिवीजन रणनीति के लिए आदर्श है।
उत्तर-संवर्धन उपकरण (Answer-enrichment tool): Mains में कृषि, तकनीक, डेटा-गवर्नेंस या ग्रामीण विकास पर पूछे गए किसी भी प्रश्न में Bharat-VISTAAR को एक हालिया, भारत-विशिष्ट, परीक्षा-अनुकूल उदाहरण के रूप में उद्धृत करने से आपका उत्तर तथ्यात्मक, समकालीन और विश्लेषणात्मक लगेगा – जो शीर्ष अंकों (top-tier marks) के लिए ज़रूरी है।
अभी इसी समय अपनी नोटबुक में एक अलग हेडिंग “Bharat-VISTAAR (2026) – AI in Agriculture” बनाकर उपरोक्त बिंदुओं को शॉर्ट नोट्स व फ्लो-चार्ट के रूप में लिख लें, ताकि Prelims और Mains दोनों के लिए यह टॉपिक आपके "रेडी-टू-यूज़ शस्त्रागार (ready-to-use arsenal)" में शामिल हो जाए।