भूमिका: यह खबर अभी क्यों महत्वपूर्ण है
भारत सरकार ने यमुना नदी के पुनर्जीवन के लिए एक व्यापक पहल शुरू की है, जिसके अंतर्गत गंगा और मुनक नहर से पानी को यमुना में मोड़ा जा रहा है ताकि उसकी पारिस्थितिक सेहत को बहाल किया जा सके। यह बहु-राज्यीय हस्तक्षेप भारत के नदी-पुनर्स्थापन दृष्टिकोण में एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है, जिसमें अंतर-राज्यीय सहयोग, वैज्ञानिक जल प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण रणनीतियों का समन्वय किया गया है।
UPSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए यह विकास पर्यावरण, जल संसाधन, अंतर-राज्यीय संबंध और भारत की नदी-स्वास्थ्य नीतियों से जुड़ा हुआ है — जो सभी प्रमुख परीक्षा विषय हैं।
यमुना को पुनर्जीवित करने के लिए सरकार की योजना क्या है?
तीन-स्तरीय जल-डायवर्जन रणनीति
केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के हालिया निर्देशों के तहत यमुना नदी में environmental flow बढ़ाने के लिए तीन प्रमुख परियोजनाएँ तय की गई हैं:
1. अपर गंगा नहर से जल-डायवर्जन (800 क्यूसेक)
केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश की अपर गंगा नहर (UGC) से लगभग 800 क्यूसेक (cubic feet per second) पानी मोड़ने को मंजूरी दी है
यह पानी सीधे दिल्ली के वजीराबाद बैराज में डाला जाएगा
उद्देश्य:
दिल्ली खंड में न्यूनतम freshwater flow बढ़ाकर प्रदूषकों को dilute करना
प्रभाव:
यह एकल हस्तक्षेप दिल्ली के dry season में आवश्यक कुल प्रवाह के लगभग बराबर है
2. मुनक नहर से जल-आवर्धन (100 क्यूसेक)
हरियाणा को निर्देश दिया गया है कि वह मुनक नहर से लगभग 100 क्यूसेक पानी सीधे यमुना में छोड़े
गंगा डायवर्जन के साथ मिलाकर कुल नया environmental flow 900 क्यूसेक हो जाता है
Timeline:
तत्काल क्रियान्वयन के निर्देश
3. हथिनीकुंड बैराज की तीसरी धारा परियोजना
हरियाणा के यमुनानगर जिले में स्थित हथिनीकुंड बैराज से एक नई जलधारा बनाई जाएगी
उद्देश्य: नदी में जमा गाद और कचरे को कम करना
लाभ: जल संचलन बेहतर होगा और stagnation-induced pollution कम होगा
Environmental Flow (E-Flow) को समझना: मूल अवधारणा
Environmental Flow क्या है?
Environmental flow (E-flow) वह न्यूनतम मात्रा, समय और गुणवत्ता है जो किसी नदी के पारिस्थितिक संतुलन और स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए आवश्यक होती है। इसमें शामिल हैं:
Quantity: न्यूनतम आवश्यक discharge
Timing: प्राकृतिक hydrological पैटर्न के अनुसार seasonal variations
Quality: जलीय जीवन के लिए उपयुक्त जल-गुणवत्ता
Duration: निरंतर और sustained flow, न कि sporadic releases
यमुना को Environmental Flow की आवश्यकता क्यों है?
दिल्ली में यमुना का 22 किमी लंबा खंड (वजीराबाद से ओखला बैराज तक) dry season में गंभीर जल-संकट से जूझता है:
वर्तमान समस्या:
नवंबर से जून के बीच 23 प्रमुख drains लगभग 650 क्यूसेक wastewater यमुना में छोड़ते हैं
विरोधाभास:
वजीराबाद के नीचे fresh water लगभग शून्य होता है
परिणाम:
प्रदूषक बिना dilution जमा होते हैं, जिससे dissolved oxygen (DO) लगभग शून्य हो जाती है — नदी जैविक रूप से मृत हो जाती है
900 क्यूसेक का डायवर्जन इस critical gap को सीधे संबोधित करता है।
वर्तमान यमुना प्रदूषण संकट: डेटा-आधारित विश्लेषण
यमुना इतनी प्रदूषित क्यों है?
| मापदंड | मान | महत्व |
|---|---|---|
| भारत में प्रदूषित नदी खंड | 296 | दिल्ली यमुना सबसे विषाक्त |
| दिल्ली में यमुना की लंबाई | 22 किमी (2%) | कुल प्रदूषण का ~79% |
| Dissolved Oxygen (DO) | ~0 mg/L | सुरक्षित सीमा 5–6 mg/L |
| Biochemical Oxygen Demand (BOD) | 83 mg/L | अनुमेय सीमा से 27–30 गुना |
| Fecal Coliform | 1.1 अरब /100 mL | सुरक्षित सीमा 500 |
| Ammonia (Dec 2024–Jan 2025) | 58 में से 39 दिन >3 mg/L | Delhi की क्षमता 1 mg/L |
प्रमुख प्रदूषण स्रोत
1. घरेलू सीवेज (85%)
37 STPs केवल 814 MGD ट्रीट करते हैं
लगभग 31% सीवेज untreated रहता है
Unauthorized colonies में sewer connectivity नहीं
2. औद्योगिक अपशिष्ट
पानीपत की textile और dyeing industries
CETPs क्षमता से कम पर
Heavy metals: lead, copper, chromium, zinc
3. कृषि runoff
Haryana और UP से fertilizers और pesticides
Ammonia और eutrophication बढ़ती है
4. Freshwater flow की कमी
Tajewala और Wazirabad पर irrigation extraction
80% flow केवल 4 monsoon महीनों में
शेष 8 महीनों में नदी लगभग सूखी
Drain Audit और Third-Party Verification पहल
Drain Assessment का आदेश
जल शक्ति मंत्रालय ने तीन राज्यों में यमुना में गिरने वाले सभी drains का third-party audit अनिवार्य किया है:
Audit Scope:
Haryana, UP और Delhi के सभी major drains
प्रत्येक drain का pollution contribution मापा जाएगा
Timeline:
Mid-2026 तक targeted interventions
वर्तमान निष्कर्ष:
Haryana के 6 drains → Najafgarh drain का 33% pollution
UP के 4 drains → Shahdara drain का 40% pollution
STP Quality Verification
निर्धारित मानक: 10 BOD
वास्तविकता: कई STPs मानकों पर खरे नहीं
आदेश: Independent verification अनिवार्य
अंतर-राज्यीय समन्वय तंत्र
क्यों जरूरी है?
यमुना बेसिन 5 राज्यों/UTs में फैला है — Uttarakhand, Himachal Pradesh, UP, Haryana, Delhi। सभी की competing water demands हैं।
राज्य-वार योगदान:
Haryana: Textile industries, runoff
UP: Industrial effluents
Delhi: घरेलू सीवेज
संस्थागत ढांचा
Upper Yamuna River Board (UYRB)
Jal Shakti Ministry
नई High-Level Committee: CM + Chief Secretaries
Haryana Deadline: 2026
दिल्ली का समानांतर मिशन 2028
Delhi सरकार ने ₹9,000 करोड़ का 45-point action plan शुरू किया है:
प्रमुख पहल
STP Capacity Expansion
वर्तमान: 814 MGD
लक्ष्य (2028): 1,500 MGD
Phases:
Dec 2027: +56 MGD
Dec 2028: +170 MGD (decentralized)
Dec 2028: +460 MGD (large plants)
Sewer Network
1,799 unauthorized colonies
574 JJ clusters पूरे
लक्ष्य: Zero untreated sewage
Drone Technology
22 major drains mapping
47 hotspots monthly testing
Silt & Solid Waste
4 bio-mining plants
Construction debris removal
UPSC के लिए प्रमुख जल-गुणवत्ता मानक (CPCB)
| पैरामीटर | Class A | Class B | वर्तमान यमुना |
|---|---|---|---|
| DO | ≥6 mg/L | ≥5 mg/L | ~0 |
| BOD | ≤2 mg/L | ≤3 mg/L | 83 |
| Fecal Coliform | अनुपस्थित | <2500 | 1.1 अरब |
| COD | – | – | 64–350 |
| TDS | – | – | 606–685 |
| Ammonia | – | – | >3 |
Key Insight:
यमुना केवल polluted नहीं, बल्कि ecologically dead है।
संबंधित सरकारी कार्यक्रम
नमामि गंगे मिशन
यमुना के लिए 33 projects
₹5,911 करोड़
2,130 MLD capacity
अवधि: March 2026 तक
AMRUT 2.0
₹800 करोड़ (July 2025)
Sewer expansion
UYRB Framework (1994 MOU)
Interstate water-sharing सुरक्षित
चुनौतियाँ और सीमाएँ
Dilution बनाम Treatment Debate
आलोचना:
900 क्यूसेक dilution है, source control नहीं
सरकारी पक्ष:
Dry season stop-gap + long-term infrastructure
तकनीकी चुनौतियाँ
Sewage generation > STP capacity
O&M issues
Inter-state delays
Weak enforcement (Panipat industries)
Ecological Recovery Timeline
Aquatic biodiversity
Riparian ecosystems
Groundwater recharge
Behavioral change
UPSC Syllabus से संबंध
GS-III
River basin management
Water pollution
Sustainable development
Government schemes
GS-II
Inter-governmental relations
Public administration
Urban infrastructure
Current Affairs
Ammonia crisis
Drone monitoring
Third-party audits
संभावित UPSC प्रश्न
Mains (Essay)
यमुना पुनर्जीवन योजना का मूल्यांकन
बहु-राज्यीय नदी प्रबंधन
Analytical
Environmental flow की अवधारणा
Sewage-river संबंध
Prelims
हथिनीकुंड बैराज
प्रमुख प्रदूषण स्रोत
BOD की परिभाषा
Key Takeaways
| अवधारणा | बिंदु |
|---|---|
| Environmental Flow | 900 क्यूसेक आवश्यक |
| प्रदूषण स्तर | 22 किमी = 79% |
| Water Strategy | 800 + 100 |
| Delhi Mission | STP 814 → 1500 |
| Inter-State | UYRB |
| Timeline | Haryana 2026 |
| Accountability | Third-party audit |
| Challenges | Governance, enforcement |
अंतिम निष्कर्ष: क्या यमुना का पुनर्जीवन संभव है?
यथार्थवादी उत्तर: सतर्क आशावाद
सकारात्मक पक्ष
अभूतपूर्व funding
Technology
Coordination
Measurable targets
जोखिम
Coordination fragile
Population pressure
Weak enforcement
Slow behavioral change
Realistic Outlook:
5–7 वर्षों में ecological viability संभव,
पूर्ण पुनर्स्थापन एक multi-generational प्रक्रिया है।