परम शक्ति सुपरकंप्यूटर: भारतीय स्वदेशी कंप्यूटिंग क्रांति — UPSC वर्तमान परिप्रेक्ष्य हेतु

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परम शक्ति क्या है? भारत की नवीनतम सुपरकंप्यूटिंग उपलब्धि का परिचय

3 जनवरी 2026 को भारत ने तकनीकी क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित किया — IIT मद्रास में ‘परम शक्ति’ नामक स्वदेशी सुपरकंप्यूटिंग सुविधा का औपचारिक उद्घाटन किया गया। इस सुविधा का उद्घाटन इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव एस. कृष्णन द्वारा किया गया। यह भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता एवं ‘आत्मनिर्भर भारत’ की अवधारणा की दिशा में एक परिवर्तनकारी क्षण का प्रतीक है।

परम शक्ति, PARAM RUDRA सुपरकंप्यूटिंग क्लस्टर पर आधारित है जिसे पुणे स्थित ‘सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग’ (C-DAC) द्वारा पूर्णतः डिजाइन एवं विकसित किया गया। यह प्रणाली AlmaLinux सहित ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर एवं C-DAC द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित सिस्टम सॉफ्टवेयर स्टैक पर कार्य करती है, जिससे विदेशी तकनीकी निर्भरता समाप्त होती है।

प्रमुख तकनीकी विनिर्देश: परम शक्ति की कंप्यूटिंग क्षमता का विश्लेषण

कंप्यूटिंग क्षमता एवं प्रदर्शन

पीक कंप्यूटिंग शक्ति: 3.1 पेटाफ्लॉप्स (प्रति सेकंड क्वाड्रिलियन फ्लोटिंग-पॉइंट ऑपरेशंस)

प्रसंस्करण क्षमता: प्रति सेकंड 3.1 क्वाड्रिलियन से अधिक गणनाएँ

रैंकिंग: भारतीय शैक्षणिक संस्थानों में स्थापित सर्वाधिक शक्तिशाली कंप्यूटिंग प्रणालियों में सम्मिलित (C-DAC पुणे स्थित PARAM Siddhi AI – 5.2 पेटाफ्लॉप्स के बाद दूसरा)

संचालन स्थिति: मई 2025 से पूर्णतया परिचालित, 80% से अधिक उपयोग दर के साथ

निर्माण: संपूर्ण घटक एवं विकास भारत में स्वदेशी रूप से

तकनीकी विनिर्देश (Technical Specifications)

पहलूविवरण
सर्वर संरचनाC-DAC PARAM RUDRA श्रृंखला सर्वर
सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्मAlmaLinux + स्वदेशी प्रणाली सॉफ्टवेयर
संग्रह अवसंरचनाLustre आधारित प्राथमिक स्टोरेज (1.5 PiB उपयोग योग्य), 50 GB/सेकेंड लेखन क्षमता
अभिलेखीय क्षमता500 TiB उपयोग योग्य
शीतन प्रणालीऊर्जा-सक्षमता हेतु उन्नत कूलिंग
विद्युत आपूर्तिअविरल एवं ऊर्जा-अनुकूलित बिजली आपूर्ति

आयोजक संस्थान

IIT मद्रास को राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (NSM) के ढाँचे के अंतर्गत इस सुविधा का मेजबान संस्थान चुना गया है, जिससे यह अत्याधुनिक अनुसंधान के लिए प्रमुख केंद्र बनता है।

राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (NSM): व्यापक परिप्रेक्ष्य

‘परम शक्ति’ राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (2015) का प्रमुख परियोजना है, जिसे संयुक्त रूप से निम्न द्वारा प्रारंभ किया गया:

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY)

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST)

कार्यान्वयन भागीदार:

C-DAC, पुणे

भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु

मिशन उद्देश्य एवं उपलब्धियाँ

NSM का उद्देश्य भारत में स्वदेशी सुपरकंप्यूटिंग अवसंरचना स्थापित करना एवं अनुसंधान संस्थानों को राष्ट्रीय ज्ञान नेटवर्क (NKN) के माध्यम से जोड़ना है। प्रमुख उपलब्धियाँ:

देशभर में 37 सुपरकंप्यूटर स्थापित (IIT, NIT, IISER, IISc सहित)

Phase-1 पूर्ण, परम शक्ति का उद्घाटन इस पूर्णता को दर्शाता है

आगामी योजनाएँ: बेंगलुरु हेतु 20-Petaflop स्वदेशी सुपरकंप्यूटर

तकनीकी फोकस: बहु-GPU आर्किटेक्चर हेतु समर्थन, विदेशी तकनीकी निर्भरता न्यूनतम करने हेतु

अनुसंधान अनुप्रयोग: भारतीय विज्ञान एवं नवाचार को गति

परम शक्ति का उद्देश्य उच्च-शक्ति कंप्यूटिंग आधारित अनुसंधान में तीव्रता लाना है। प्रमुख अनुसंधान क्षेत्र:

(1) एयरोस्पेस इंजीनियरिंग

हाइपरसोनिक वाहनों के वायुगतिकीय सिमुलेशन

उड़ान गतिशास्त्र मॉडलिंग एवं अनुकूलन

(2) जलवायु एवं पर्यावरण विज्ञान

उन्नत जलवायु मॉडलिंग एवं मौसम पूर्वानुमान

महासागरीय एवं वायुमंडलीय मॉडलिंग

पर्यावरणीय प्रभाव आकलन

(3) सामग्री विज्ञान एवं अभियांत्रिकी

उन्नत सामग्री अनुसंधान

क्रिस्टल संरचना विश्लेषण

नैनो प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग

(4) औषधि एवं दवा अनुसंधान

Molecular dynamics simulations

Drug-Target interaction modeling

दवा विकास की समयरेखा में कमी

जीनोमिक्स एवं बायोइन्फॉर्मेटिक्स

(5) नाभिकीय विज्ञान

रिएक्टर सिमुलेशन

कण भौतिकी गणनाएँ

विकिरण भौतिकी अनुप्रयोग

(6) कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं मशीन लर्निंग

बड़े पैमाने पर AI मॉडल प्रशिक्षण

डीप लर्निंग एल्गोरिथ्म विकास

कंप्यूटर विज़न एवं NLP अनुसंधान

संचालन प्रभाव

मई 2025 से 80% से अधिक उपयोग दर यह दर्शाती है कि विभिन्न विभागों एवं संस्थानों में उच्च-प्रसंस्करण अनुसंधान की मांग अत्यधिक है।

स्वदेशी विकास: भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता

परम शक्ति का पूर्ण स्वदेशी स्वरूप भारत की तकनीकी संप्रभुता की दिशा में रणनीतिक उपलब्धि है।

स्वदेशी सुपरकंप्यूटिंग क्यों महत्वपूर्ण है?

तकनीकी संप्रभुता

लागत दक्षता (import एवं licensing लागत में कमी)

अनुकूलता (राष्ट्रीय अनुसंधान आवश्यकताओं अनुसार customization)

राष्ट्रीय सुरक्षा

ज्ञान हस्तांतरण एवं क्षमता निर्माण

भविष्य विस्तार क्षमता

तुलनात्मक दृष्टि

PARAM Siddhi AI (5.2 Petaflops) भारतीय सुपरकंप्यूटिंग का सर्वाधिक शक्तिशाली उदाहरण है, किंतु यह NVIDIA DGX SuperPOD वैश्विक आर्किटेक्चर पर आधारित है।
इसके विपरीत, परम शक्ति पूर्णतया स्वदेशी सुपरकंप्यूटर के रूप में विशिष्ट है।

राष्ट्रीय एकीकरण: सुपरकंप्यूटिंग ग्रिड

परम शक्ति, National Knowledge Network (NKN) के माध्यम से 70+ HPC सुविधाओं से जुड़ा है, जिससे निम्न लाभ प्राप्त:

वितरित कंप्यूटिंग संसाधन

बहु-संस्थागत सहयोगात्मक अनुसंधान

संसाधन आवंटन का अनुकूलन

क्षेत्रीय अनुसंधान विकास

रणनीतिक प्रभाव: आत्मनिर्भर भारत एवं डिजिटल इंडिया

परम शक्ति, भारत की डिजिटल परिवर्तन यात्रा में एक महत्वपूर्ण योगदान है।

नीतिगत संरेखण

आत्मनिर्भर भारत: डिजिटल अवसंरचना में आत्मनिर्भरता

Digital India मिशन: डिजिटल अर्थव्यवस्था हेतु कंप्यूटिंग अवसंरचना

IndiaAI मिशन: AI अनुसंधान हेतु संगणन क्षमता

National Technology Platform: अनुसंधान एवं औद्योगिक क्षमता में वृद्धि

वैश्विक प्रतिस्पर्धा

37 सुपरकंप्यूटरों एवं आगामी प्रणालियों के साथ, भारत वैश्विक HPC पारिस्थितिकी में प्रतिस्पर्धी स्थिति में पहुँच रहा है।

UPSC परीक्षार्थियों के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है?

GS Paper-III

विषय: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास

मुख्य बिंदु:

स्वदेशी प्रौद्योगिकी क्षमता

आत्मनिर्भर भारत

डिजिटल अवसंरचना

संस्थागत क्षमता (C-DAC, IIT Madras)

विज्ञान-नीति एवं प्रशासनिक ढाँचा

GS Paper-II

विषय: शासन, नीति, सहयोगी संस्थागत तंत्र

उल्लेखनीय पहलू:

MeitY–DST संयुक्त सहयोग

मिशन आधारित नीति क्रियान्वयन

Prelims / Mains दृष्टिकोण

मुख्य तथ्य स्मरण हेतु:

3.1 Petaflops

उद्घाटन: 3 जनवरी 2026

स्थान: IIT Madras

विकास: C-DAC, पुणे

पूर्णतः स्वदेशी एवं ओपन-सोर्स

NSM के अंतर्गत 37 सुपरकंप्यूटर स्थापित

अनुप्रयोग: AI, दवा अनुसंधान, जलवायु विज्ञान, एयरोस्पेस

संभावित प्रश्न

Prelims:

"Param Shakti की कंप्यूटिंग क्षमता कितनी है?"

"C-DAC किस मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है?"

Mains:

"स्वदेशी सुपरकंप्यूटिंग भारत की तकनीकी संप्रभुता को कैसे सशक्त बनाता है?"

"भारत की अनुसंधान पारिस्थितिकी में HPC अवसंरचना की भूमिका पर चर्चा करें।"

Personality Test (Interview) में उपयोगिता

सकारात्मक संकेत:

अद्यतन वर्तमान घटनाक्रम ज्ञान

विज्ञान-नीति एवं शासन समझ

तकनीकी-राष्ट्रीय दृष्टि

बहु-विषयी क्षमता

संभावित चर्चा बिंदु:

"तकनीकी आत्मनिर्भरता राष्ट्रीय सुरक्षा को कैसे प्रभावित करती है?"

"AI एवं जलवायु विज्ञान में HPC का महत्व"

समापन: भारत की वैज्ञानिक यात्रा में एक नया अध्याय

परम शक्ति मात्र एक सुपरकंप्यूटर नहीं, बल्कि इस परिवर्तन का प्रतीक है कि भारत अब प्रौद्योगिकी उपभोक्ता से प्रौद्योगिकी निर्माता की ओर अग्रसर है। इसके माध्यम से:

विदेशी तकनीकी निर्भरता में कमी

स्वदेशी विशेषज्ञता का विकास

अनुसंधान की तीव्रता

औद्योगिक क्षमता में वृद्धि

आत्मनिर्भर भारत का सुदृढ़ीकरण

UPSC परीक्षार्थियों के लिए यह विषय भारत की समकालीन तकनीकी-रणनीतिक यात्रा का उत्कृष्ट अध्ययन-प्रकरण है।